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यूरिन में प्रोटीन (एल्ब्यूमिन्यूरिया) को न करें नजर अंदाज, यह हो सकता है किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत: डॉ. अमोल गुप्ता

On: June 21, 2026 1:37 PM
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यूरिन में प्रोटीन (एल्ब्यूमिन्यूरिया) को न करें नजर अंदाज, यह हो सकता है किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत: डॉ. अमोल गुप्ता

सहसवान (बदायूं) डॉ. राम निवास गुप्ता अस्पताल के सुप्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ.अमोल गुप्ता ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए ‘एल्ब्यूमिन्यूरिया(Albuminuria) यानी पेशाब में प्रोटीन आने की समस्या पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस लक्षण को पहचान लिया जाए,तो किडनी (गुर्दे) की गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।एल्ब्यूमिन्यूरिया क्या है|

डॉ.अमोल गुप्ता के अनुसार, एल्ब्यूमिन (Albumin) हमारे खून में पाया जाने वाला एक मुख्य प्रोटीन है।स्वस्थ किडनी रक्त को साफ करते समय इस प्रोटीन को शरीर में ही रोक लेती है और केवल अपशिष्ट पदार्थों (वेस्ट) को यूरिन के रास्ते बाहर निकालती है। लेकिन जब किडनी के फिल्टर (Glomeruli) क्षतिग्रस्त हो जाते हैं,तो एल्ब्यूमिन प्रोटीन छनकर पेशाब के रास्ते बाहर निकलने लगता है। इसी स्थिति को मेडिकल भाषा में एल्ब्यूमिन्यूरिया या प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है।प्रमुख लक्षण शुरुआती दौर में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते,लेकिन स्थिति बढ़ने पर निम्नलिखित लक्षण सामने आते हैं।

झागदार पेशाब: यूरिन पास करते समय सामान्य से बहुत अधिक झाग (Foamy Urine) बनना।सूजन (Edema): पैरों,टखनों (Ankles) हाथों और विशेष रूप से आंखों के आसपास सूजन आना।

थकान: शरीर में प्रोटीन की कमी होने से लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना।भूख में कमी: भूख न लगना,जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना।मुख्य कारणडॉ. राम निवास गुप्ता अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. अमोल गुप्ता ने बताया कि यह समस्या मुख्य रूप से इन कारणों से उत्पन्न होती है|

डायबिटीज (मधुमेह): रक्त में शुगर का उच्च स्तर किडनी के फिल्टर्स को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप): यह किडनी की रक्त वाहिकाओं पर अत्यधिक दबाव डालता है।

किडनी इन्फेक्शन: गुर्दे में किसी भी तरह का पुराना संक्रमण या नेफ्रैटिस (Nephritis)।होम्योपैथी में सुरक्षित और प्रभावी समाधान डॉ.अमोल गुप्ता (BHMS) ने स्पष्ट किया कि होम्योपैथी में एल्ब्यूमिन्यूरिया का बेहद सटीक और जड़ से इलाज संभव है| होम्योपैथिक दवाएं न केवल यूरिन में प्रोटीन के रिसाव को रोकती हैं,बल्कि किडनी की कार्यक्षमता (Kidney Function) को भी प्राकृतिक रूप से सुधारती हैं।

होम्योपैथी में मरीज के शारीरिक और मानसिक लक्षणों (Constitutional Case Taking) के आधार पर दवाएं दी जाती हैं। इस समस्या में Apis Mellifica, Arsenicum Album, Lycopodium, Mercurius Corrosivus, और Phosphorus जैसी दवाएं लक्षणों के अनुसार अत्यंत प्रभावी साबित होती हैं। यह उपचार पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव (Side Effect) नहीं पड़ता।

डॉ.अमोल गुप्ता की स्वास्थ्य सलाह नियमित जांच: शुगर और बीपी के मरीज साल में कम से कम एक बार ‘यूरिन माइक्रोएल्ब्यूमिन टेस्ट’ जरूर करवाएं।संतुलित आहार: भोजन में नमक और अत्यधिक प्रोटीन की मात्रा को नियंत्रित करें।

स्वस्थ जीवनशैली: पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर (दर्द निवारक दवाओं) का सेवन बिल्कुल न करें।डॉ. अमोल गुप्ता से परामर्श के लिए संपर्क करें।डॉ. अमोल गुप्ता होम्योपैथिक एंड लेजर क्लिनिक, डॉ. राम निवास गुप्ता अस्पताल, रोडवेज बस स्टैंड के सामने, सहसवान (बदायूं), उत्तर प्रदेश समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 07:00 बजे तक।

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