delhi-bus-रानीबाग से नांगलोई तक करीब 7 किमी तक घूमती एक प्राइवेट बस ने दिल्ली के दिल के चीथड़े कर दिए और दिल्ली सरकार और प्रशासन की पोल खोल कर रख दी। इस गैंगरेप की सबसे दहला देने वाली बात ये है कि जिस इलाके में महिला के साथ दरिंदगी हो रही थी, वो चीख रही थी, चिल्ला रही थी, उस स्थान से नांगलोई पुलिस स्टेशन की दूरी महज 700 मीटर थी, लेकिन हैरानी की बात ये है कि किसी ने उसकी आवाज तक नहीं सुनी। ऐसा लग रहा है जैसे पुलिस स्टेशन में सारे पुलिसकर्मी उस वक्त खर्राटे मारकर सो रहे थे।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता पीतमपुरा की झुग्गियों में रहती है और वे मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है। सोमवार (11 मई) रात वे हर रोज की तरह अपने काम से पैदल वापस लौट रही थी। इस दौरान सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास एक स्लीपर बस आकर रुकी। पीड़िता ने बस के दरवाजे पर खड़े एक शख्स से टाइम पूछा, तब ही उसे जबरन अंदर खींच लिया गया।
आरोपियों ने दरवाजा बंद कर ड्राइवर को बस चलाने को कहा। चलती बस में ही दो लोगों ने महिला के साथ गैंगरेप किया। करीब 2 घंटे बाद आरोपियों ने खून से लथपथ महिला को सड़क पर फेंक दिया और वहां से फरार हो गए। मेडिकल परीक्षण में महिला के साथ रेप की पुष्टि हो गई है।
पुलिस के मुताबिक महिला शादीशुदा है और उसके 3 बच्चे हैं। मेडिकल करवाने के बाद FIR दर्ज की गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक पीड़िता को आरोपियों ने रानी बाग इलाके से बस में बैठाया था और फिर नांगलोई के इलाके में ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने रानी बाग पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया है।
महिला ने क्या कहा?
उस कंपा देने वाली घटना को याद करते हुए महिला ने बताया कि मैंने उनसे कई बार छोड़ देने की गुहार लगाई। मैंने कहा कि घर पर मेरे तीन बच्चे हैं, वो मेरा इंतजार कर रहे हैं। मैं आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगी। लेकिन, उसकी मिन्नतों का उन दरिंदों पर कोई असर नहीं हुआ।

