Budaun News: गंगा नदी में डूबे दो भाइयों की तलाश जारी, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमें जुटी
बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र में रविवार शाम गंगा नदी में नहाने गए पांच बालकों में से तीन डूब गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से एक बालक का शव शाम को ही बरामद कर लिया गया था,जबकि दो सगे भाई अब भी लापता हैं। उनकी तलाश में बरेली से एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड यूनिट की टीम बुलाकर लगाई गई है|आज सोमवार सुबह से ही टीमें नदी की लहरों के बीच सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।15 घंटे बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं लगा है।उधर,घटना का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम और एसएसपी को मौके पर भेजा। अफसरों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

पुलिस के अनुसार, गांव खजुरा नगला पुख्ता निवासी जमादार के तीन पुत्र पिंटू (9 साल), केशव (11 साल) व सिंकू (13 साल) और संतोष का आठ वर्षीय पुत्र अखिलेश व वीरेश का 11 वर्षीय पुत्र विकास गंगा नदी में नहाने गए थे।इसी दौरान पांचों बालक पानी में बहने लगे। चीख-पुकार मचने पर ग्रामीणों ने सिंकू व विकास को सकुशल बाहर निकाल लिया। वहीं अखिलेश की डूबने से मौत हो गई।उसका शव बरामद कर लिया गया।वहीं जमादार के दोनों बेटे पिंटू व केशव लापता हैं।
दोनों बच्चों की तलाश में जुटी टीमें:-पीएसी की फ्लड यूनिट,एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों ने दोनों बच्चों की तलाश में सोमवार सुबह फिर अभियान शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।प्रशासन द्वारा मृतक बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा नदी में स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले नदी के गहरे पानी में न जाने दें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
गर्मी से बचने के लिए नदी में नहाने पहुंचे थे पांचों बच्चे:-बताया गया है कि गर्मी के कारण पांचों बच्चों ने गंगा में नहाने गए थे। बहाव तेज होने के कारण पांचों डूबने लगे थे।आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो बचाने के लिए दौड़े। गांव के कुछ तैराक युवक गंगा में उतरे और अखिलेश को बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विकास और सिंकू को भी गोताखोरों ने डूबने से बचा लिया, लेकिन केशव और पिंटू का पता नहीं चल सका।दोनों की तलाश में गोताखोर देर रात तक डटे रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल:-इस हादसे के बाद गंगा किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है।इससे इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती रहती हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी
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