मुरादाबाद/अमरोहा।मुरादाबाद की रामगंगा नदी में नहाते समय तेज बहाव में बहे अमरोहा के युवक आसिफ (25) की तलाश आखिरकार एक दर्दनाक अंत के साथ पूरी हो गई है। करीब 30 घंटे तक चले सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने गुरुवार को नदी से आसिफ का शव बरामद कर लिया है। शव मिलने की सूचना जैसे ही अमरोहा में उसके परिवार को लगी, वहां मातम पसर गया। एसडीआरएफ ने शव को पुलिस के हवाले कर दिया है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बिजली न होने पर नहाने गए थे दोस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरोहा के मोहल्ला दरबारे कलां निवासी आसिफ अपने छोटे भाई अदनान और मुजफ्फरनगर के दो दोस्तों (तसब्बुर खान व फरीद) के साथ मुरादाबाद के मोरा की मिलक में लोहे की अलमारी बनाने का ठेका लेकर काम करता था।
परिजनों ने बताया कि मोरा गांव का ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण पिछले दो दिन से गांव में बिजली नहीं थी। बिजली न होने के चलते अलमारी बनाने का काम पूरी तरह रुका हुआ था। काम बंद होने और भीषण गर्मी के कारण आसिफ, अदनान, तसब्बुर और फरीद ने तय किया कि पास ही स्थित चट्टा पुल के पास रामगंगा नदी में नहाने चलते हैं।
तेज बहाव में संतुलन बिगड़ा और डूब गया आसिफ
बुधवार को चारों दोस्त नहाने के लिए रामगंगा नदी में उतरे थे। पहाड़ी इलाकों और स्थानीय स्तर पर हो रही बरसात के कारण रामगंगा नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। इसी तेज बहाव में नहाते समय आसिफ खुद को संभाल नहीं सका और गहरे पानी में बह गया।
घटना पर एक नज़र:
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम व पता | आसिफ (25 वर्ष), मोहल्ला दरबारे कलां, अमरोहा |
| क्या काम करता था | मोरा की मिलक में लोहे की अलमारी बनाने का ठेका |
| घटनास्थल | चट्टा पुल के पास, रामगंगा नदी (मुरादाबाद) |
| रेस्क्यू टीम | SDRF और सिविल लाइंस पुलिस (30 घंटे चला ऑपरेशन) |
30 घंटे बाद मिला शव, पुलिस ने की कार्रवाई
आसिफ के डूबने की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस और एएसपी (ASP) अभिनव द्विवेदी मौके पर पहुंचे थे। तुरंत एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू में लगाया गया। नदी का बहाव तेज होने के कारण गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन लगातार 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ ने आसिफ का शव नदी से खोज निकाला।
युवक की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों भाई रोज काम निपटाकर वापस अमरोहा अपने घर लौट जाते थे, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने दोनों भाइयों को हमेशा के लिए जुदा कर दिया।

