Amroha News-अमरोहा/आदमपुर: जनपद अमरोहा से विकास और ‘गड्ढामुक्त’ सड़कों के सरकारी दावों की पोल खोलती एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां एक गांव में रास्ते इतने बदहाल हैं कि एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को अपने अंतिम सफर में भी सम्मानजनक सुविधा मयस्सर नहीं हो सकी। ग्रामीणों को घुटनों तक भरे कीचड़ और दलदल के बीच से बुजुर्ग की अर्थी को कंधों पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
क्या है वायरल वीडियो का सच?
सिस्टम की नाकामी को उजागर करने वाला यह वीडियो थाना आदमपुर क्षेत्र के ग्राम गारापुर का बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग का निधन हो गया था।
जब उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, तो गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह से कीचड़ और गंदे पानी से लबालब भरा हुआ था।
सड़क इतनी जर्जर और दलदली थी कि वहां से किसी वाहन या एंबुलेंस का गुजरना तो दूर, पैदल निकलना भी दूभर था। मजबूरन ग्रामीणों और परिजनों को भारी दिक्कतों के बीच अर्थी को अपने कंधों पर रखकर उस गंदे कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा।
सरकारी आदेशों की उड़ रही सरेआम धज्जियां
यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि सरकार के उन सभी आदेशों की भी जमकर धज्जियां उड़ा रही है जिनमें गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और रास्तों को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। एक इंसान को अपनी जिंदगी के आखिरी सफर में भी इस तरह की जलालत झेलनी पड़े, इससे ज्यादा शर्मनाक बात किसी भी सभ्य समाज के लिए नहीं हो सकती।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में मची खलबली
रास्ते की इस बदहाली और अपनी मजबूरी का ग्रामीणों ने खुद वीडियो बनाया और न्याय की गुहार लगाते हुए उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही यह भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों में भारी हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि इस फजीहत के बाद नींद में सोया प्रशासन गारापुर गांव के इस बदहाल रास्ते की सुध लेता है या नहीं।

