Amroha News-आदमपुर: कस्बे में इन दिनों बंदरों ने भारी कहर बरपा रखा है। बंदरों के खौफ के साए में लोग जीने को मजबूर हैं, लेकिन सबसे बड़ा खतरा छोटे और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा है। ताजा और हैरान कर देने वाला मामला कस्बा निवासी मास्टर मोहम्मद आरिफ के परिवार से सामने आया है, जहां उनकी 8 वर्षीय मासूम बेटी पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया।
चौपाल पर बैठी थी मासूम रीवा, तभी टूट पड़े बंदर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मास्टर मोहम्मद आरिफ की 8 वर्षीय पुत्री रीवा (जो कक्षा 3 की छात्रा है) अपने घर के बाहर बनी चौपाल पर बैठी हुई थी। घर की चौपाल के पास ही एक विशाल बरगद (बड़) का पेड़ है, जिस पर हर समय बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है।
अचानक घात लगाए बैठे बंदरों ने मासूम रीवा पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से बच्ची बुरी तरह घबरा गई। (खबर के साथ संलग्न तस्वीर में बच्ची पर हुए इस हमले की गंभीरता को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।)
स्कूली बच्चों का लंच बॉक्स और बैग छीन रहे बंदर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आदमपुर में यह कोई पहली घटना नहीं है। बंदर अक्सर स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं को अपना निशाना बनाते हैं।
रास्ते से गुजरते समय बंदर अचानक बच्चों को डराते हैं।
कई बार बंदर बच्चों के हाथों से उनका लंच बॉक्स, स्कूल बैग और अन्य सामान छीनकर फेंक देते हैं या फाड़ देते हैं।
इस रोज-रोज के आतंक की वजह से बच्चों का स्कूल जाना भी दूभर और असुरक्षित हो गया है।
प्रशासन से गुहार: जल्द पकड़वाए जाएं खूंखार बंदर
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय कस्बे वासियों में भारी रोष है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से सख्त गुहार लगाई है कि कस्बा आदमपुर में तुरंत एक अभियान चलाकर इन खूंखार बंदरों को पकड़वाया जाए।
लोगों की मांग है कि बच्चों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि नन्हें-मुन्ने छात्र बिना किसी डर और बाधा के स्कूल आ-जा सकें और भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

