Uttarakhand news-उत्तराखंड में साल 2027 में विधान सभा चुनाव होने हैं। इसके लिए गठजोड़ की तैयारी शुरू हो गई है। आंतरिक सुलह, तमाम समीकरण और वोट बैंक को निशाना बनाते हुए आज उत्तराखंड में कैबिनेट का विस्तार किया जा रहा है। इसमें 5 नए चेहरे धामी कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही थीं।
उत्तराखंड में साल 2022 में 70 विधान सभा सीटों पर चुनाव हुए थे। 47 सीटें जीतकर बीजेपी ने दूसरी बार सरकार बनाई थी। हालांकि पहले के मुकाबले 10 सीटें कम थीं। वहीं कांग्रेस के खाते में महज 19 सीटें गई थीं। चुनाव से तकरीबन एक साल पहले अब उत्तराखंड सरकार का विस्तार होने जा रहा है। आज शाम राजभवन में कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित है। सीएम धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट हाल ही में कई बार विस्तार का संकेत दे चुके हैं। महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट भी किया था कि संगठन ने खाली पदों को भरने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखी थी।
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट विस्तार में सूबे के विधायकों के पिछले प्रदर्शन और क्षेत्रीय समीकरणों को बारीकी से परखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्रियों के साथ कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्य मंत्री स्तर की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
उत्तराखंड कैबिनेट का आज होगा विस्तार, चुनाव से पहले ये 5 नए चेहरे बन सकते हैं धामी टीम का हिस्सा
उत्तराखंड कैबिनेट का आज होगा विस्तार, चुनाव से पहले ये 5 नए चेहरे बन सकते हैं धामी टीम का हिस्सा
कैबिनेट विस्तार में नए नामों की बात करें तो 5 विधायकों की चर्चा सबसे ज्यादा है। इसमें राजपुर से विधायक खजानदास, नैनीताल से सरिता आर्य, रुड़की से प्रदीप बत्रा, देवप्रयाग से विनोद कंडारी और रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट का नाम शामिल है। आज शाम तक नए नामों का खुलासा हो जाएगा। नए मंत्री राजभवन में पद की शपथ लेंगे।
उत्तराखंड में कितने हो सकते हैं मंत्री?
भारतीय संविधान में 91वां संशोधन, 2003 के अनुसार, किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या, राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। हालांकि, मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की न्यूनतम संख्या 12 होनी अनिवार्य है। उत्तराखंड में कुल 70 विधान सभा सीटें हैं। इस हिसाब से उत्तराखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित केवल 7 मंत्री हैं, जबकि 5 पद खाली चल रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेम चंद अग्रवाल ने इस्तीफा दिया था।

