Amroha News-अमरोहा: जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने और बाल विकास परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलाधिकारी (DM) श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने कड़ा रुख अपना लिया है। मंगलवार (17 मार्च 2026) को आयोजित जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और पोषाहार वितरण की गहन समीक्षा की। लापरवाही मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
चेहरा प्रमाणीकरण (FRS) में लापरवाही पर गिरी गाज
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि धनौरा और गजरौला ब्लॉकों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा चेहरा प्रमाणीकरण (Face Recognition System – FRS) के माध्यम से अनुपूरक पोषाहार के वितरण में भारी कमी आई है। इस घोर लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) और मुख्य सेविकाओं को तत्काल कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मिशन 84: कुपोषित बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
जनपद के बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर डीएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:
सैम-मैम बच्चों की पहचान: ‘मिशन 84’ के तहत अति कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की संख्या में तेजी से कमी लाने तथा अत्यधिक नाटेपन (Stunting) को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
NRC में भर्ती का लक्ष्य: सभी CDPO को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे हर महीने कम से कम 3 कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में अनिवार्य रूप से भर्ती कराएं।
समय पर मिले पोषाहार: गर्भवती और धात्री (स्तनपान कराने वाली) महिलाओं को मिलने वाला पूरक पोषाहार हर हाल में समय से वितरित किया जाए।
डिजिटल पहल और शत-प्रतिशत पंजीकरण के निर्देश
बैठक में शासन की योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू करने पर जोर दिया गया:
लखनऊ निदेशालय से प्राप्त ‘आधार किट’ को जल्द से जल्द एक्टिवेट कर केंद्रों पर पंजीकृत 3 से 6 वर्ष के सभी बच्चों की अपार आईडी (APAAR ID) बनवाई जाए।
‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ (PMMVY) के तहत सभी पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं का 100% पंजीकरण सुनिश्चित कर उन्हें लाभ दिलाया जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के ‘आयुष्मान कार्ड’ इसी महीने के अंत तक हर हाल में बना लिए जाएं।
आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प
डीएम ने केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए अधिकारियों को डेडलाइन दी है। उन्होंने केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, बाला (BaLA) वॉल पेंटिंग, रंगाई-पुताई, पोषण वाटिका (Nutrition Garden) और रेनवाटर हार्वेस्टिंग का काम जल्द पूरा करने को कहा। इसके अलावा, सभी केंद्रों पर बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने वाली मशीनों की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री अश्वनी कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) श्री ज्ञान प्रकाश तिवारी समेत जिले के सभी खंड विकास अधिकारी (BDO) और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

