*पिता के पक्ष में न्यायालय में बयान करने आई, महिला को कचहरी परिसर के मुख्य द्वार के सामने हमलावरों ने रोक कर की मारपीट गाली गलौज
तथा अंजाम भुगतने की दी चेतावनी*
#कचहरी परिसर में मचा हड़कंप अफरा तफरी, भगदड़ महिला ने जैसे तैसे हमलाबरो से बचाई अपनी जान#
“पीड़िता ने एक होमगार्ड पुत्र सहित सात लोगों के विरुद्ध मामले की कराई नामदर्ज रिपोर्ट, पुलिस से पीड़िता ने लगाई सुरक्षा की गुहार”
सहसवान ( बदायूं) न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार के सामने उस समय हंगामा हो गया जब एक महिला अपने पिता के पक्ष में न्यायालय पर परिसर में बयान दर्ज करने के लिए न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार में प्रवेश किया की तभी आधा दर्जन से ज्यादा लाठी डंडों से लैस हमलावरों ने गाली गलौज एवं मारपीट प्रारंभ कर दी उन्होंने महिला से पिता के पक्ष में बयान दर्ज करने के लिए दबाव बनाया था परंतु महिला ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने उसे जान से मार देने की धमकी दी कचहरी के मुख्य द्वार पर बैठे सुरक्षा कर्मियों ने तथा लोगों ने जैसे तैसे महिला को हमलावरों के चुगल से मुक्त कराकर जान बचाई पीड़ित ने थाना कोतवाली पहुंचकर होमगार्ड पुत्र सहित सात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है।
जानकारी के मुताबिक थाना कोतवाली सहसवान के ग्राम बड़ेरिया तथा हाल निवासी ग्राम भाय थाना दादो जनपद अलीगढ़ निवासी सरीदा पत्नी हरविंदर ने थाना पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अपने पिता के पक्ष में बयान देने के लिए सिविल न्यायालय कोर्ट में आई थी मुख्य द्वार पर जैसे ही उसने घुसने का प्रयास किया कि पहले से घात लगाए बैठे नरेश पुत्र दाताराम किताब सिंह पुत्र दाताराम सुजाता पत्नी किताब सिंह हरविंदर पुत्र रफत दिनेश पुत्र सत्यराम अभिलाष पुत्र कृपाल सिंह शिवम पुत्र कमल सिंह होमगार्ड का पुत्र ने एक राय होकर मुझे जबरन रोकने का प्रयास किया मैंने विरोध किया तो उपरोक्त लोगों ने गाली गलौज एवं मारपीट करना प्रारंभ कर दी तथा धमकी दी कि अगर बयान देने की कोशिश की तो जान से मार देंगे इसी दौरान काफी भीड़ कचहरी परिसर में जमा हो गई मामले को देखकर हड़प्पा मच गया लोग इधर-उधर भागने लगे मौके पर मौजूद ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ने जैसे तैसे उपरोक्त हमलावरों के चुंगल से उन्हें मुक्त कराया पुलिस ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर सातों आरोपियों के विरुद्ध अपराध संख्या 103 धारा 191/2, 115, 352, 351 / 3 में मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

