नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ Bijapur की माओवाद उन्मूलन नीति को बीजापुर में एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सरकार की प्रभावी ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना के तहत, 51 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए आत्मसमर्पण कर दिया।
Bijapur में एक करोड़ छह लाख के इनामी 103 माओवादियों ने छोड़े हथियार
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन की रीढ़ समझे जाने वाले पीएलजीए बटालियन के सदस्य, कंपनी सदस्य शामिल हैं। इन सभी 51 कैडरों पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में नौ महिला और 42 पुरुष शामिल हैं।
51 माओवादियों का Bijapur में आत्मसमर्पण
इस समूह में चार ऐसे दुर्दांत सदस्य शामिल हैं, जिन पर अकेले आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। इनमें पीएलजीए कंपनी न. 01 सदस्य बुधराम पोटाम उर्फ रंजीत, बटालियन न. 01 सदस्य मनकी कोवासी, कंपनी न. 2 सदस्य हुंगी सोढ़ी और सदस्य रविन्द्र पुनेम उर्फ आयतू शामिल हैं। इसके अलावा, सीआरसी कंपनी 02 पीएलजीए सदस्य देवे करटाम पर भी आठ लाख का ईनाम था।

