उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के दिन रविवार, 8 नवंबर को अयोध्या में आम लोगों के बीच जाकर त्योहार मनाया। मुख्यमंत्री ने सुबह हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का आशीर्वाद लिया और इसके बाद निषाद बस्ती पहुंचकर दिवाली मिलन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने सफाईकर्मियों, नाविकों और वंचित परिवारों को फल और मिठाई बांटी।
हनुमानगढ़ी से शुरू हुआ दौरा
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुबह 7:50 बजे हनुमानगढ़ी में दर्शन से शुरू हुआ। इसके बाद सुबह 8:05 बजे उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री सुबह करीब 8:20 बजे रामघाट हाल्ट के पास निषाद बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से मिलकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नाविकों और निषाद समाज के अयोध्या के विकास में योगदान की सराहना की।
‘अब रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी’
निषाद बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलाई जा सकतीं और 5 कोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई रोक नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि दीपावली सनातन संस्कृति, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों और धर्म-सत्य की शाश्वत परंपरा का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अयोध्या की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
संतों से मुलाकात और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने दिगंबर अखाड़ा, बड़ा भक्तमाल और मणिरामदास छावनी में संतों से मुलाकात की। सुबह 9:30 बजे वे कारसेवकपुरम पहुंचे, जहां संतों के साथ बैठक की और सुबह 10:05 से 10:35 बजे तक राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। दीपावली और दीपोत्सव को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे इलाके को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है और करीब 6,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दीपोत्सव के शुभारंभ की खबर यहां पढ़ें
नई अयोध्या का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन पहले आयोजित 10वें दीपोत्सव में रिकॉर्ड संख्या में दीये जलाए गए, जिससे नई अयोध्या त्रेतायुग जैसी लगने लगी। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और अयोध्या का विकास भगवान श्रीराम की कृपा का परिणाम है। 31 लाख दीयों वाले दीपोत्सव की तैयारियों की खबर भी पढ़ें

