उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पहाड़ी की चोटी पर बना एक अनोखा सोलर पावर प्रोजेक्ट अब बिजली पैदा करने लगा है। सॉलिड सोलर कंपनी ने मलना/पटारा गांव में 20 मेगावाट (MWp) क्षमता का सोलर प्लांट कमीशन कर दिया है, जिसमें गौतम सोलर के TOPCon बाइफेशियल मॉड्यूल लगाए गए हैं। समुद्र तल से 5000 फीट से अधिक ऊंचाई पर एक ही पहाड़ी पर बना यह प्लांट अपनी इंजीनियरिंग के लिहाज से खास माना जा रहा है।
खड़ी चट्टानों और बर्फीले मौसम में निर्माण की चुनौती
सामान्य मैदानी इलाकों से यह प्रोजेक्ट बिल्कुल अलग था। खड़ी, पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन, दूर-दराज का हिमालयी क्षेत्र और सीमित पहुंच की वजह से निर्माण के लगभग हर चरण को हालात के मुताबिक ढालना पड़ा। कठोर जलवायु, वन्यजीवों का खतरा, लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें और मजदूरों की कमी जैसी चुनौतियां सामने आईं।
सबसे पहले प्लांट का लेआउट सही करना था। जमीन में काफी ऊंचाई का अंतर होने के कारण कंपनी ने पूरी पहाड़ी का विस्तृत 3D मॉडल तैयार किया, जिससे डिजाइन और साइट टीमों को वास्तविक ढलानों के अनुसार मॉड्यूल और सपोर्ट स्ट्रक्चर लगाने की योजना बनाने में मदद मिली। इससे उपलब्ध जगह और धूप का सर्वोत्तम उपयोग संभव हो सका।
रोपवे से पहुंचाए गए उपकरण
निर्माण स्थल तक पहुंच सबसे बड़ी बाधा थी, क्योंकि पहाड़ी का अधिकांश हिस्सा सामान्य वाहनों के लिए अगम्य था। सोलर मॉड्यूल और निर्माण सामग्री रोपवे के जरिए पहुंचाई गई, जबकि कुछ हिस्सों में नियंत्रित स्लाइडिंग तंत्र, मानव शक्ति आधारित चेन-लिंक व्यवस्था और खच्चरों की मदद से उपकरण ढोए गए।
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उत्तराखंड की ग्रीन एनर्जी दिशा में अहम कदम
यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड की हरित ऊर्जा दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहाड़ी राज्यों में इस तरह के प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार और तकनीकी कौशल के अवसर भी पैदा करते हैं। पहाड़ी इलाकों में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं के बीच यह परियोजना भविष्य के पहाड़ी सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है।

