देहरादून। उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी और उमस के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने और स्थानीय वेदर सिस्टम के चलते राज्य के 8 पर्वतीय जिलों में बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ‘यलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है। इसके साथ ही मैदानी और पर्वतीय इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (झक्कड़) चलने की भी चेतावनी दी गई है।
नैनीताल समेत 4 शहरों में झमाझम बारिश
मौसम में आए इस बदलाव का असर धरातल पर भी दिखने लगा है। बीते चौबीस घंटों में राज्य के चार प्रमुख शहरों और उनके आस-पास के इलाकों में तेज बौछारों के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है:
तापमान में गिरावट: अचानक हुई इस तेज बारिश से इन शहरों में तापमान काफी नीचे गिर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
सैलानियों की उमड़ी भीड़: पहाड़ों में मौसम सुहावना होते ही मैदानी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। माल रोड, झील क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सैलानी इस बदले मौसम का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं।
इन 8 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर उत्तराखंड के आठ जिलों में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा रहेगा। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है:
उत्तरकाशी
चमोली
रुद्रप्रयाग
बागेश्वर
पिथौरागढ़
नैनीताल
पौड़ी गढ़वाल
अल्मोड़ा
तेज हवाओं की चेतावनी:
मौसम वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बारिश के दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है, जिससे पेड़ों के गिरने या कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचने की आशंका बनी रहती है।
चारधाम यात्रियों और आम जनता के लिए एडवाइजरी
बदलते मौसम और पहाड़ों में यलो अलर्ट को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) ने अलर्ट जारी किया है:
यात्री बरतें सावधानी: केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही अपनी आगे की यात्रा तय करें। पहाड़ों में बारिश के दौरान भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षित स्थानों पर लें शरण: तेज हवाएं और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें।
प्रशासन मुस्तैद: लोक निर्माण विभाग (PWD) और बीआरओ (BRO) को संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी (JCB) मशीनों के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मार्ग बाधित होने पर उसे तुरंत खोला जा सके।

