देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में तपिश लगातार पैर पसार रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के 5 पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। इसके विपरीत, मैदानी जिलों में तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
नैनीताल में झमाझम बारिश, पर्यटकों के चेहरे खिले
पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले नैनीताल और उसके आस-पास के इलाकों में बीते समय में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बौछारें पड़ीं।
तापमान में गिरावट: झमाझम बारिश होने से नैनीताल में गर्मी से बड़ी राहत मिली है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
सैलानियों की मौज: अचानक हुई इस तेज बारिश से वीकेंड और छुट्टियां मनाने पहुंचे देश-विदेश के पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। माल रोड और नैनी झील के आस-पास लोग इस सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।
इन 5 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों में लोकल सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगामी दिनों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
प्रभावित होने वाले जिले: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
अंधड़ की चेतावनी: इन जिलों में बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ (अंधड़) चलने की भी आशंका जताई गई है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगी तपिश, 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा
पहाड़ी क्षेत्रों से उलट, देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ने वाला है।
चढ़ेगा पारा: मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में अगले 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
दोपहर में उमस: शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण दोपहर के समय लू और उमस जैसी स्थिति बनेगी, जिससे मैदानी क्षेत्रों के निवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
बदलते मौसम और पहाड़ों में बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने गाइडलाइन जारी की है:
चारधाम यात्री बरतें सतर्कता: उच्च हिमालयी क्षेत्रों और चारधाम यात्रा रूट पर जा रहे तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का अपडेट देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
अंधड़ से बचाव: तेज हवाएं चलने के दौरान कच्चे मकानों, भारी पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
मैदानी इलाकों में सावधानी: मैदानों में रह रहे लोग दोपहर की सीधी धूप से बचें और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
पार्क और वन विभागों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि तेज हवाओं के कारण किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।

