Uttarakhand : बदरीनाथ धाम में पहली बार आरएसएस का पथ संचलन हुआ जिसमें 300 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। स्वामीनारायण मंदिर से शुरू होकर यह संचलन सिंह द्वार पर समाप्त हुआ। स्वयंसेवकों ने नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे प्रार्थना और भारत माता के जयकारों के साथ भाग लिया। डॉ. शैलेन्द्र ने हिंदू एकता के लिए अस्पृश्यता को मिटाने पर जोर दिया और सनातन संस्कृति को बचाने का आह्वान किया।
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Uttarakhand : कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामीनारायण मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन, ध्वजारोहण और नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे प्रार्थना के साथ हुआ
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामीनारायण मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन, ध्वजारोहण और नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद स्वयंसेवक बैंड की धुनों, वंदेमातरम और भारत माता की जय के उदघोष के साथ बदरीनाथ धाम के माणा रोड, बस टर्मिनल मार्ग, मंदिर मार्ग होते हुए साकेत तिराहे से बदरीनाथ मंदिर की ओर आगे बढ़े।

