UP News-पंचायत सहायकों का नौवें दिन भी धरना जारी, बोले- छह हजार रुपए में परिवार चलाना मुश्किल
By Manoj Kumar
On: September 16, 2026 10:22 AM

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लखनऊ। पंचायत सहायकों का अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में चल रहा धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पंचायत सहायक मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण, मातृत्व अवकाश और स्थानांतरण नीति समेत कई मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं।आंदोलन के बीच अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक धरनास्थल पर मौजूद रहीं। इससे पहले सोमवार को आप सांसद संजय सिंह भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों का समर्थन किया।धरने पर मौजूद पंचायत सहायक नवनीत ने कहा कि उनकी मांगें बहुत ज्यादा नहीं हैं, बल्कि कुल पांच प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने सबसे प्रमुख मांग मानदेय 30 हजार रुपए प्रतिमाह किए जाने की बताई। नवनीत के मुताबिक, यदि सरकार के लिए 30 हजार रुपए का मानदेय देना बजट की वजह से संभव नहीं है तो कम से कम न्यूनतम कुशल मजदूरी के बराबर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 6 हजार में परिवार चलाना मुश्किल है।नियमितीकरण और मातृत्व अवकाश की मांगपंचायत सहायक ने कहा कि उनकी दूसरी प्रमुख मांग संविदा व्यवस्था समाप्त कर नियमितीकरण की है। इसके अलावा महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की व्यवस्था लागू करने और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट नीति बनाने की भी मांग है।उन्होंने कहा, ष्मैं पीड़ित हूं, मैं शोषित हूं, मैं वंचित हूं, मैं पंचायत सहायक हूं।ष् नवनीत ने कहा कि अगर सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देने के बजाय पद ही समाप्त कर दे। उनके मुताबिक, आज उनकी जगह कोई दूसरा कर्मचारी आएगा तो वह भी इन्हीं समस्याओं और मांगों के साथ खड़ा होगा।पैसा न बढ़े तो सस्ती सब्जी खरीदने का कार्ड बनेनवनीत ने मौजूदा छह हजार रुपए के मानदेय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अगर छह हजार रुपए बढ़ाना संभव नहीं है तो ऐसा कार्ड ही बना दिया जाए, जिससे बेहद सस्ते दाम पर सब्जियां मिलें और शिक्षा भी मुफ्त हो जाए।उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक छह हजार रुपए में जितना संभव हो पा रहा है, उतना करके काम चला रहे हैं और आर्थिक परेशानी के बावजूद आंदोलन कर रहे हैं।मांगें नहीं मानीं तो धरना जारी रखने का ऐलानसरकार की ओर से मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति के सवाल पर नवनीत ने कहा कि पंचायत सहायक गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और धरनास्थल से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग या अन्य व्यवस्थाओं के बावजूद कर्मचारी वहीं बैठे रहेंगे।उन्होंने कहा, ष्आवाज जाए ना जाए, हम यहीं रहेंगे।ष् नवनीत के मुताबिक, कर्मचारी अपने स्तर पर खाने-पीने का इंतजाम कर धरनास्थल पर ही रह रहे हैं और छह हजार रुपए की आय में जितना संभव है, उसी में आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।पक्ष और विपक्ष दोनों पर उठाए सवालविपक्षी दलों के समर्थन पर पंचायत सहायक ने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने उनसे पत्र नहीं दिए जाने की बात कही है। उन्होंने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुसीबत में हो तो मदद मांगने के लिए उससे औपचारिक पत्र की मांग नहीं की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों के मुद्दे को सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष को भी जोरदार तरीके से उठाना चाहिए। ष्छह हजार रुपए का मुद्दा कितना शानदार मुद्दा है,ष् कहते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों से कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से उठाने की अपील की।‘हम बहुत पीड़ित हैं’नवनीत ने पंचायत सहायकों की स्थिति की तुलना बंधुआ मजदूरी से करते हुए कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि छह हजार रुपए के मानदेय में काम करने वाले पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है।उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ष्हम बहुत पीड़ित हैं, इससे ज्यादा हम क्या कहें।ष् पंचायत सहायकों ने सरकार से वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान निकालने और धरना समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की मांग की है।
