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तहसील परिसर में लाखों रुपये की लागत से लगे शीतल पेयजल प्याऊ सफेद हाथी बने

On: September 25, 2026 7:45 PM
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तहसील परिसर में लाखों रुपये की लागत से लगे शीतल पेयजल प्याऊ सफेद हाथी बने

सैकड़ो की तादाद में पहुंचे फरियादी प्यासे ही लौटने को हो रहे हैं विवश

सहसवान (बदायूं) सहसवान तहसील परिसर में फरियाद लेकर पहुंचे फरियादी तीन शीतल पेयजल प्याऊ वर्षो से खराब पड़े होने के कारण तहसील परिसर से प्यासे ही वापस लौटने को विवश हो रहे है जिससे तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों में रोष पनपता दिखाई दे रहा है।
ज्ञात रहे सहसवान तहसील कार्यालय परिसर में दो शीतल पेयजल प्याऊ एक इंडिया मार्का हैंडपंप प्रशासन द्वारा तथा एक शीतल पेयजल प्याऊ क्षेत्र पंचायत कार्यालय सहसवान द्वारा स्थापित किया गया है।
तहसील प्रशासन द्वारा भवन निर्माण कार्यदाई संस्था भवन निर्माण के समय वर्ष 2014 में दो शीतल पेयजल प्याऊ लगाए गए थे जो उदघाटन के समय से ही खराब पड़े है जबकि उनकी कीमत लाखों रुपये में है एक शीतल पेयजल प्याऊ तहसीलदार न्यायालय के निकट दूसरा शीतल पेयजल पर प्याऊ बदकारियों को बैठने के लिए एसडीएम कार्यालय के सामने खाली पड़े स्थान पर स्थापित किया गया है जबकि तहसील प्रशासन द्वारा काफी समय से एक इंडिया मार्का हैंडपंप भी लगवाया गया था जो बदस्तूर ऊंट के मुंह में जीरा बाली कहावत चरितार्थ करते हुए सही प्रकार काम कर रहा है|

शीतल पेयजल प्याऊ से पानी पीने के लिए जब लोग उनके पास पहुंचते हैं तो वह निराश होकर लौट जाते हैं एक शीतल पेयजल प्याऊ नगर पालिका परिषद द्वारा तहसील के मुख्य द्वार पर लगाया गया है जिसमें भीषण गंदगी जल भराव होने के कारण लोग पानी पीने से बचते नजर आते हैं वहीं एसडीएम कार्यालय के निकट क्षेत्र पंचायत कार्यालय सहसवान द्वारा लगभग 3 वर्ष पूर्व एक शीतल पेयजल प्याऊ लगाया गया था जो लगने के बाद से ही खराब पड़ा है उपरोक्त शीतल पेयजल प्याऊ से लोगों ने आज तक एक भी बूंद टपकती नहीं देखी है।
शीतल पेयजल प्याऊ पर लोग पानी पीने के लिए इसलिए जाते हैं कि वहां शुद्ध संक्रमण रहित शीतल जल मिलेगा परंतु उनका यह सोचना उसे समय हवा हवाई हो जाता है जब वह तेज प्यास लगने पर उपरोक्त शीतल पेयजल प्याऊ के पास जाकर अपनी प्यास बुझाने के लिए जैसे ही टंकी ऑन करते हैं तो उसमें से पानी नहीं आता है और वह निराश होकर झूल-झुलाते हुए कहते हैं कि उपरोक्त शीतल पेयजल प्याऊ पानी शुद्धता के नाम पर मुंह चढ़ा रहे हैं।
ऐसा नहीं की शासन द्वारा तहसील परिसर के रखरखाव के लिए बजट न आता हो परंतु उपरोक्त बजट किस मद में खर्च कर दिया जाता है यह चर्चा का विषय तहसील परिसर में आने वाले सभी लोगों की जुबान पर है आखिर बरसों से खराब पड़े तहसील परिसर के शीतल पेयजल प्याऊ को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की नहीं है या वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है अगर जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है तो क्यों और उन्हें दुरुस्त करने के लिए कम नहीं उठा रहा है तो क्यों यह सवाल तहसील परिसर में आने वाले हर फरियादी की जुबान पर तैर रहे हैं।तहसीलदार राकेश कुमार से इस बाबत संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी 

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