नयी दिल्ली: Supreme Court ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित वक्फ अधिनियम, 1995 के कई प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर मंगलवार को नोटिस जारी किया।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने निखिल उपाध्याय की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। पीठ ने मामले को एक अंतरिम आवेदन (आईए) के रूप में मानने पर सहमति व्यक्त की और इसे पहले दायर की गई इसी तरह की याचिकाओं के साथ जोड़ने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश गवई ने याचिकाकर्ता से पूछा, “आप 1995 के अधिनियम को 2025 में क्यों चुनौती दे रहे हैं?” इस पर उन्होंने जवाब दिया, “यह न्यायालय पूजा स्थल अधिनियम, 1991 और अल्पसंख्यक अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।”
Supreme Court पूजा स्थल अधिनियम, 1991 और अल्पसंख्यक अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने फिर स्पष्ट किया, “वह 2025 अधिनियम से पहले के प्रावधानों को चुनौती दे रहे हैं।”

