ऋषिकेश/उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में पर्यटकों के साथ एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया है। दिल्ली से यहां छुट्टियां मनाने आए पर्यटकों के एक समूह में से एक कपल (प्रेमी जोड़ा) गंगा नदी में स्नान करते समय तेज बहाव में बह गया। उन्हें डूबता और मौत से संघर्ष करता देख, उनके एक अन्य साथी ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी, लेकिन पानी का वेग इतना प्रचंड था कि वह भी गहरे पानी में ओझल हो गया। इस खौफनाक मंजर को देखकर घाट पर मौजूद अन्य लोगों में चीख-पुकार मच गई।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली से कुछ युवाओं का एक ग्रुप वीकेंड बिताने के लिए ऋषिकेश पहुंचा था।
पैर फिसलने से हुआ हादसा: यह सभी लोग मुनि की रेती/शिवपुरी क्षेत्र के आस-पास एक घाट पर गंगा स्नान करने के लिए उतरे थे। इसी दौरान कपल में से किसी एक का पैर अचानक काई या चिकने पत्थर पर फिसल गया।
तेज बहाव में फंसे: संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों गहरे पानी की तरफ खिसक गए। इन दिनों पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का वेग बहुत तेज है, जिसने पलक झपकते ही दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
दोस्त की बहादुरी और दुर्भाग्य
अपने दोस्तों को आंखों के सामने डूबता और मदद के लिए चीखता देखकर ग्रुप के ही एक अन्य युवक ने उन्हें बचाने का साहसिक प्रयास किया।
वह बिना कुछ सोचे-समझे गंगा की उफनती लहरों में कूद गया।
उसने दोनों को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन पानी के भारी दबाव और भंवर के आगे उसकी एक न चली। देखते ही देखते वह भी उन दोनों के साथ तेज बहाव में बह गया।
एसडीआरएफ (SDRF) का सघन सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही घाट पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सूचना पर जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की डीप डाइविंग टीम तत्काल गोताखोरों और राफ्ट के साथ मौके पर पहुंच गई।
रेस्क्यू टीम नदी के बहाव की दिशा में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
नदी का जलस्तर अधिक होने और पानी मटमैला होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस ने दिल्ली में तीनों युवाओं के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है।
प्रशासन की सख्त एडवाइजरी
इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने ऋषिकेश आने वाले सभी पर्यटकों के लिए एक बार फिर सख्त चेतावनी जारी की है:
गंगा के तेज बहाव को हल्के में न लें और किनारे पर ही सुरक्षित स्नान करें।
प्रशासन द्वारा ‘डेंजर जोन’ या ‘प्रतिबंधित’ घोषित किए गए घाटों पर भूलकर भी पानी में न उतरें।
सेल्फी लेने या स्टंट करने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।
फिलहाल, लापता तीनों युवाओं की तलाश के लिए गोताखोरों का अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

