नई दिल्ली। चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने गुरुवार को कहा कि PM Modi का इस महीने के अंत में तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन दौरा न केवल एससीओ बल्कि भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।
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राजधानी में चिंतन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में चीनी राजदूत ने कहा, “PM Modi की चीन यात्रा हमारे दोनों देशों के संबंधों में सुधार और विकास को नई गति देगी। भारत और चीन की ओर से एक कार्यदल इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। हम इस दौरे को अत्यंत महत्व देते हैं और विश्वास है कि यह बेहद सफल होगा।”
भारत दौरे पर आए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने PM Modi से मुलाकात कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश और आमंत्रण सौंपा था। प्रधानमंत्री ने इस दौरान सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सीमा मुद्दे का समाधान निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए।
उसी दिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और वांग यी के बीच सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की 24वीं वार्ता हुई। एनएसए डोभाल ने इस दौरान कहा कि पिछले वर्ष कज़ान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में सकारात्मक रुझान देखा गया है और सीमाएं शांतिपूर्ण रही हैं।
चीनी राजदूत ने बताया कि इस बार भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री वांग यी और एनएसए डोभाल के बीच सीमा प्रश्न पर “बहुत महत्वपूर्ण 10 सूत्री सहमति” बनी है। इसके तहत दो कार्यदल बनाए जाएंगे, एक विशेषज्ञ समूह जो सीमा निर्धारण से जुड़े क्षेत्रों पर शुरुआती प्रगति तलाशेगा और दूसरा समूह सीमा प्रबंधन को और बेहतर बनाने पर काम करेगा।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने PM Modi से मुलाकात कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश और आमंत्रण सौंपा था
‘एससीओ शिखर सम्मेलन 2025 भारत-चीन संबंधों को नई दिशा’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं और मतभेदों का समाधान संवाद से किया जाना चाहिए।

