पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी उम्र और मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी (Rape) की वारदात को अंजाम दिया। हैवानियत का आलम यह था कि आरोपी ने मासूम को दो दिनों तक बंधक बनाए रखा। घटना के खुलासे के बाद पुलिस और प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए न सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके घर को भी जमींदोज कर दिया।
कैसे घटी यह खौफनाक वारदात?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी बुजुर्ग ने मासूम बच्ची को उस वक्त अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया जब वह घर के आस-पास ही मौजूद थी।
बच्ची को किया अगवा: आरोपी ने किसी तरह मासूम को बहला-फुसलाकर या जबरन अगवा कर लिया और उसे अपने ठिकाने पर ले गया।
2 दिन तक बंधक: दरिंदे ने मासूम बच्ची को करीब 2 दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
परिजनों की खोजबीन: बच्ची के अचानक गायब होने से बदहवास परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। जब उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और बच्ची का सुराग लगा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस का रेस्क्यू और मासूम की हालत
परिजनों की शिकायत और सूचना के आधार पर पीलीभीत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की।
पुलिस ने बंधक बनाई गई मासूम बच्ची को रेस्क्यू कर लिया।
लगातार दो दिनों तक हुई दरिंदगी के कारण बच्ची की हालत बेहद खराब थी। उसे तत्काल मेडिकल परीक्षण और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
थाने से ‘लंगड़ाते’ हुए निकला आरोपी
इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले 60 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के सख्त रवैये का असर इस घटना में भी साफ देखने को मिला। जब आरोपी को कोर्ट में पेशी या मेडिकल के लिए थाने से बाहर लाया गया, तो वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा था और बुरी तरह लंगड़ाते हुए चलता नजर आया।
आरोपी की इस हालत को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि गिरफ्तारी के दौरान या पुलिस हिरासत में पुलिस ने उसके साथ खासी ‘सख्ती’ बरती है (संभावित पुलिस मुठभेड़ या जवाबी कार्रवाई)।
प्रशासन का चला बुलडोजर: आरोपी का घर ढहाया
मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। स्थिति की गंभीरता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ (Zero Tolerance Policy) के तहत स्थानीय प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया।
राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ आरोपी के घर पहुंची।
आरोपी द्वारा किए गए अवैध निर्माण या अतिक्रमण को चिन्हित कर प्रशासन ने बुलडोजर (Bulldozer) चलाकर उसके घर को पूरी तरह ढहा दिया।
प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई ने अपराधियों में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।

