अपराधियों पर कसेगा शिकंजा,थानों को मिला अल्टीमेटम: एसएसपी अंकिता शर्मा की अपराध समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश
बदायूं। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल बजाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों,थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी।लंबित विवेचनाओं से लेकर साइबर अपराध,महिला सुरक्षा,गैंगस्टर कार्रवाई,मादक पदार्थों की तस्करी और कानून-व्यवस्था तक हर बिंदु पर गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने जवाबदेही तय की और कड़े निर्देश जारी किए।
बैठक में एसएसपी ने कहा कि थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समयबद्ध जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर एसएसपी विशेष रूप से गंभीर नजर आईं।उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट पुलिसकर्मियों को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत गांव-गांव और शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा,सम्मान,आत्मनिर्भरता और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई,अवैध शराब,अवैध शस्त्र निर्माण एवं तस्करी, जुआ-सट्टा और गोकशी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके अलावा ऑपरेशन त्रिनेत्र 2.0 के तहत बाजारों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर अधिक से अधिक अपराधियों को सजा दिलाने पर भी जोर दिया गया।यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर भी एसएसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाए तथा हेलमेट,सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर व्यापक जागरूकता और कार्रवाई दोनों साथ-साथ चलें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। जीरो फैटिलिटी का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब पुलिस और जनता मिलकर इसे जनआंदोलन का रूप दें।
बैठक के अंत में जनपद में सोमवती अमावस्या पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।जनपद की इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि बदायूं पुलिस अब अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है तथा अपराधियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और अधिक सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी




