नैनीताल/कैंची धाम। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) की विशेष पहल पर धाम के समीप 40 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस मल्टीलेवल पार्किंग की सबसे खास बात यह है कि इसकी छत (Roof) का इस्तेमाल हेलीपैड के रूप में किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
बाबा नीम करौली महाराज के दरबार में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ के दबाव को देखते हुए सीएम धामी ने धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत यह बहुउद्देश्यीय पार्किंग बनाई जा रही है।
तीन मंजिला विशाल पार्किंग: यह पार्किंग तीन मंजिला होगी, जिसमें एक साथ सैकड़ों चारपहिया और दोपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इससे सड़क किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों से मुक्ति मिलेगी और हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा।
छत पर अत्याधुनिक हेलीपैड: पार्किंग की छत को इस तरह से डिजाइन और मजबूत किया जा रहा है कि वहां सुरक्षित रूप से हेलीकॉप्टर लैंड कर सके।
40 करोड़ का बजट: इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए शासन की ओर से लगभग 40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है और कार्यदायी संस्था ने मौके पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।
हेलीपैड बनने से होंगे ये बड़े फायदे
कैंची धाम में सीधे हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होने से न केवल पर्यटन को नए पंख लगेंगे, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आएगा:
आपातकालीन स्थिति (Emergency/Rescue): किसी भी मेडिकल इमरजेंसी या आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) के लिए इस हेलीपैड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
वीआईपी (VIP) मूवमेंट: कैंची धाम में अक्सर बड़े राजनेता, उद्योगपति और बॉलीवुड हस्तियां आती रहती हैं। हेलीपैड बनने से उनके मूवमेंट के दौरान आम श्रद्धालुओं को जाम और सुरक्षा व्यवस्था के कारण होने वाली असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पर्यटन को मिलेगा बूस्ट: भविष्य में संपन्न और विदेशी पर्यटक सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए धाम पहुंच सकेंगे, जिससे राज्य के राजस्व और स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।
युद्धस्तर पर चल रहा निर्माण कार्य
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वर्तमान में पार्किंग स्थल पर जमीन समतलीकरण, रिटेनिंग वॉल और पिलर (Pillars) खड़े करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि गुणवत्ता के साथ इस निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि आने वाले पर्यटन और यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिल सके।
सीएम धामी की इस पहल को कैंची धाम को एक ‘विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

