नैनीताल/कैंची धाम। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) के स्थापना दिवस और भव्य वार्षिक मेले के पावन अवसर पर आज आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन और विश्व प्रसिद्ध ‘मालपुए’ का महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए तड़के से ही देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कपाट खुलने के महज 5 घंटे के भीतर ही 40 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगा ली है।
दर्शन के लिए लगी 3 किलोमीटर लंबी कतार
धाम में बाबा के जयकारे लगातार गूंज रहे हैं। भीड़ इतनी अधिक है कि मंदिर परिसर से लेकर बाहर हाईवे तक श्रद्धालुओं की लगभग 3 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई है। चिलचिलाती धूप और उमस के बावजूद भक्त पूरी श्रद्धा के साथ घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और जिग-जैग (Zig-Zag) व्यवस्था की है, लेकिन भीड़ के दबाव में सभी इंतजाम छोटे पड़ते नजर आ रहे हैं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी, वॉशरूम के लिए भटके लोग
एक तरफ जहां आस्था का सैलाब है, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी भीड़ के सामने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं।
वॉशरूम का अभाव: सबसे ज्यादा परेशानी वॉशरूम (शौचालयों) की कमी को लेकर सामने आ रही है। पर्याप्त अस्थाई शौचालय न होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन को भीड़ के अनुमान के हिसाब से बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
डीएम और पुलिस-प्रशासन मुस्तैद, शाम तक रहेगी भीड़
नैनीताल के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मेला क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं।
जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं का यह रेला अभी थमने वाला नहीं है। देर शाम तक धाम में इसी तरह की भारी भीड़ रहने की पूरी संभावना है।
प्रशासन ने भीड़ को सुरक्षित रूप से दर्शन कराने के लिए शिफ्टों में ड्यूटी लगाई है। अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और लाइन में अनुशासन का पालन करने की अपील की है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस
भारी भीड़ को देखते हुए कैंची धाम और उसके आस-पास के पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जगह-जगह पुलिस, पीएसी (PAC) और एसडीआरएफ (SDRF) के जवान तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम से बचने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही लागू किए गए विशेष रूट प्लान और शटल सेवा का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
तमाम असुविधाओं के बावजूद, बाबा नीम करौली के भक्तों का उत्साह रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है और पूरा धाम अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है।

