नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस अपने शेयरों का बायबैक (Infosys Buyback Offer) कर सकती है। इसके लिए 11 सितंबर 2025 को कंपनी के बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें कंपनी के इक्विटी शेयरों के बायबैक प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
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Infosys कंपनी ने कल बाजार बंद होने के बाद शेयर बायबैक के प्रस्ताव की जानकारी दी। सोमवार को NSE पर इंफोसिस का शेयर 8.50 रुपये या 0.59% की गिरावट के साथ 1,436.10 रुपये पर बंद हुआ। आगे समझिए क्या होता है बायबैक।
क्या होता है Share Buyback
शेयर बायबैक वह प्रोसेस है जब कोई कंपनी अपने ही शेयरों को मौजूदा शेयरधारकों से वापस खरीदती है। इससे ओपन मार्केट में शेयरों की कुल संख्या कम हो जाती है। इस प्रोसेस में शेयरधारकों को दो तरह से फायदा होता है:
पहला – कोई भी कंपनी अपने शेयरों को मौजूदा मार्केट प्राइस से अधिक पर खरीदती है
दूसरा – बचे हुए शेयरों का प्राइस आम तौर पर बढ़ता है, क्योंकि शेयरों की संख्या कम होने से उनका महत्व बढ़ता है
काफी गिरा है Infosys का शेयर प्राइस
इंफोसिस का शेयर बायबैक प्लान कंपनी के शेयर के काफी खराब प्रदर्शन के बीच सामने आया है। पिछले एक साल में इसके शेयर में लगभग 25% की गिरावट आई है, जबकि साल 2025 में अब तक ये 24% फिसला है। इंफोसिस का परफॉर्मेंस वैश्विक चुनौतियों के बीच ओवरऑल आईटी सेक्टर के निराशाजनक प्रदर्शन जैसा ही रहा है।
3 साल पहले भी किया था बायबैक
यदि इस बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो यह 2022 के बाद इंफोसिस के शेयरों की पहली बायबैक होगी। 3 साल पहले कंपनी ने 1,850 रुपये प्रति शेयर के मिनिमम बायबैक प्राइस पर 9,300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

