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uttrakhand अमित शाह एवं मुख्यमंत्री धामी ने,देहरादून में प्रदेश के छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।

On: November 6, 2026 7:32 PM
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uttrakhand अमित शाह एवं मुख्यमंत्री धामी ने,देहरादून में प्रदेश के छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
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uttrakhand  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रदेश के छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। विभिन्न परिस्थितियों में अदम्य साहस, वीरता एवं सूझबूझ का परिचय देने वाले इन बच्चों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को ₹51 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम बार मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस पुरस्कार के लिए राज्य स्तर पर प्राप्त आवेदनों में से छह बच्चों का चयन किया गया। इनमें जनपद चमोली के तीन तथा चम्पावत, देहरादून एवं टिहरी गढ़वाल के एक-एक बच्चे शामिल हैं।
जनपद चमोली की दिव्या, दीपिका एवं आरव सिंह को भालू के हमले के दौरान साहस एवं सूझ-बूझ का परिचय देने के लिए सम्मानित किया गया। 22 दिसम्बर 2025 को जीआईसी यूपीएस हरिशंकर, चमोली में प्रातः लगभग 9:30 बजे एक भालू विद्यालय परिसर में घुस आया था। भालू ने कक्षा छह के छात्र आरव सिंह पर हमला कर दिया। आरव ने स्वयं को बचाने के लिए संघर्ष किया, जबकि कक्षा आठ की छात्रा दिव्या ने भालू का पीछा कर आरव को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान दिव्या ने आरव को सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाने में सहायता की। वहीं दीपिका ने तत्काल अन्य नौ विद्यार्थियों को कक्षा सात के कमरे में पहुंचाकर सुरक्षित किया। तीनों बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों में साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।
जनपद चम्पावत की कु. माया को नदी के तेज बहाव में फंसी एक बालिका को बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 05 अगस्त 2025 को भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था। एक बालिका तेज धारा में बहने लगी। माया ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने का प्रयास किया और तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान माया स्वयं भी घायल हो गई थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस का परिचय देते हुए एक बालिका का जीवन बचाया।
जनपद देहरादून की कु. आराध्या को बादल फटने की घटना के दौरान साहस एवं सतर्कता दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। 02 जून 2026 की संध्या को भारी बारिश के कारण अचानक मलबा और पानी आने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। आराध्या ने खतरे को भांपते हुए घर में मौजूद सभी 17 लोगों को तत्काल सतर्क किया, जिससे वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच सके। इसके साथ ही उन्होंने तीन वर्षीय एक छोटी बच्ची को पानी के तेज बहाव से भी बचाया। उनकी सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
जनपद टिहरी गढ़वाल की कु. श्वेता को एक बुजुर्ग व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए सम्मानित किया गया। 30 जनवरी 2025 को एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क पर लाठी के सहारे चल रहे थे। इसी दौरान सामने से एक वाहन तेजी से आ रहा था। श्वेता ने तत्काल बुजुर्ग का हाथ पकड़कर उन्हें सड़क के किनारे सुरक्षित किया। उनकी तत्परता से बुजुर्ग व्यक्ति की जान बच गई।
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार का उद्देश्य असाधारण साहस, वीरता एवं सूझबूझ का परिचय देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना है। इस पहल के माध्यम से ऐसे बच्चों के साहसिक कार्यों को पहचान देने के साथ ही अन्य बच्चों को भी कठिन परिस्थितियों में साहस, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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