किसी वस्तु पर जीएसटी की जो दर होती है वही दर उस वस्तु के आयात पर लगने वाले IGST की होती है। जाहिर है कि जीएसटी दरों में संशोधन के साथ IGST में भी संशोधन होंगे। हम यहां बता रहे हैं कि IGST में संशोधन का आम उपभोक्ता और कंपनियों के खर्च तथा सरकार के राजस्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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IGST से 5,33,000 करोड़ रुपये आए
वित्त वर्ष 2024-25 में कुल जीएसटी संग्रह 22,08,861 करोड़ रुपये था, जिसमें से आयात पर पर आईजीएसटी से 5,33,000 करोड़ रुपये आए। दूसरे शब्दों में, कुल जीएसटी संग्रह का लगभग एक-चौथाई हिस्सा आयातित वस्तुओं से आता है। पिछले वर्ष भारत ने 721.2 अरब डॉलर का मर्केंडाइज आयात किया।

