हरियाणा के hisar जिले के खैरी गांव की पंचायत ने शादी-ब्याह और मृत्यु भोज पर डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि डीजे से पशुओं को परेशानी होती है और युवाओं में झगड़े बढ़ते हैं।
मृत्यु भोज को सामाजिक मजबूरी बताया गया है जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक नुकसान होता है। डीजे बजाने या मृत्यु भोज देने पर 11,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
hisarइससे दूसरे लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ता है।
hisar जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव खैरी में रविवार को ग्रामीणों की बैठक पूर्व पंच माटा राम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गांव में डीजे बजाने और मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। फैसले की अवहेलना करने पर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की गई है।
सभा के अध्यक्ष पूर्व पंच माटा राम और नरेंद्र खैरी ने बताया कि शादी से 3-4 दिन पहले ही घरों में डीजे बजाना शुरू हो जाता है। ऊंची और तेज आवाज में डीजे बजाने के कारण पशुओं को भी कई बार दिक्कत हो जाती हैं। डीजे पर शराब पीकर युवा पीढ़ी नाचती है और आपस में झगड़े होने लगते हैं। इससे कई बार ज्यादा नुकसान होता है और आपसी भाईचारा भी खराब होता है।
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सभा के अध्यक्ष ने बताया कि गांव में किसी बुजुर्ग की मृत्यु होने पर मृत्यु भोज दिया जाता है। जो परिवार शोक में होता है। उसे सामाजिक मजबूरी के चलते मृत्यु भोज करना पड़ता है।
जो किसी भी प्रकार से सही नहीं है। कई बार तो हालात ये होते हैं कि जिस परिवार में बुजुर्ग की मौत होती है। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होती है।
hisar उसे कर्ज उठाकर भी मृत्यु भोज देना पड़ता है। जो किसी भी मायने से सही नहीं है।
सभा के अध्यक्ष माटा राम और नरेंद्र खैरी ने बताया कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति आज से गांव में डीजे बजाता है या मृत्यु भोज देता है तो उसके ऊपर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

