दो मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को घोषणा की कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में कैथ लैब (कैथीटेराइजेशन लैबोरेटरी) स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। दोनों कॉलेज आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुविधा देते हैं, जिससे पात्र मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
हृदय रोगियों को फायदा
कैथ लैब में हृदय से जुड़ी जांच और इलाज की आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, जैसे एंजियोग्राफी जैसी प्रक्रियाएं। अब तक उत्तराखंड के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों के गंभीर हृदय रोगियों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र और देहरादून मेडिकल कॉलेज दून घाटी के मरीजों की सेवा करता है, इसलिए दोनों जगहों पर यह सुविधा बड़ा बदलाव लाएगी।
स्वास्थ्य ढांचे में निवेश
राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी और विशेषज्ञ सुविधाओं का अभाव लंबे समय से चुनौती रहा है। सरकार का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। कुमाऊं क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी सुविधाओं की मांग उठती रही है।
आगे की राह
घोषणा के साथ ही अब इन लैब की वास्तविक उपयोगिता पर नजर रहेगी — पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और रखरखाव की व्यवस्था कितनी जल्दी होती है, यही तय करेगा कि मरीजों को कितना फायदा मिलता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संबंधित व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है। सरकार का दावा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को इन सुविधाओं का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
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