देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब आम आदमी अपने घर की चारदीवारी में भी सुरक्षित नहीं रह गया है। शहर में बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर एक वकील की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और खौफ का माहौल है। चिंताजनक बात यह है कि राजधानी देहरादून में महज 24 घंटे के भीतर हत्या की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्श से लेकर आंगन तक बिखरा खून
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हथियारबंद अज्ञात हमलावर अचानक वकील के घर में जबरन दाखिल हुए और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में वकील लहूलुहान होकर गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात का मंजर इतना खौफनाक था कि घर के कमरे के फर्श से लेकर बाहर आंगन तक हर तरफ सिर्फ खून ही खून बिखरा पड़ा था। गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन और आस-पास के लोग इकट्ठा हुए, तब तक हत्यारे मौके से फरार हो चुके थे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम
घर के अंदर हुई इस दुस्साहसिक वारदात की खबर जंगल की आग की तरह फैली, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित ग्रामीणों और वकील के परिजनों ने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर मुख्य हाईवे को जाम कर दिया।
सड़क पर उतरे लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का सीधा आरोप था कि पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है, जिसके चलते 24 घंटे के भीतर दो-दो हत्याएं हो गईं।
पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
हाईवे जाम और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही जिले के आला पुलिस अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित भीड़ को समझाया और जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करने का कड़ा आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पुलिस ने वकील के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फॉरेंसिक (FSL) टीम ने घटनास्थल से अहम सुराग, खून के नमूने और गोलियों के खोखे जुटाए हैं।
पुलिस इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की हर एंगल से (आपसी रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद या पेशेवर दुश्मनी) गहनता से जांच कर रही है। हत्यारों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पुलिस की कई टीमें दबिश देने में जुट गई हैं।

