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बेजुबानों के साथ क्रूरता: बदायूं में जीवित गायों की आंखें नोच रहे कौवे, अफसरों की लापरवाही पर महासंघ ने खोला मोर्चा

On: September 18, 2026 5:39 PM
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बेजुबानों के साथ क्रूरता: बदायूं में जीवित गायों की आंखें नोच रहे कौवे, अफसरों की लापरवाही पर महासंघ ने खोला मोर्चा

बदायूं। उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं से पशु क्रूरता और प्रशासनिक लापरवाही का एक बेहद ही दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।विकास खंड जगत के अंतर्गत आने वाले ग्राम आमगांव स्थित सरकारी गौशाला में गोवंशों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है।राष्ट्रीय गौरक्षा महासंघ के औचक निरीक्षण में यह खुलासा हुआ है कि वहां बीमार और लाचार गोवंशों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है,जिसके कारण जीवित और असहाय गोवंशों की आंखें कौवे नोच-नोच कर खा रहे हैं।
इस गंभीर मामले को लेकर राष्ट्रीय गौरक्षा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा ने पशुपालन विभाग के निदेशक (लखनऊ), जिलाधिकारी (बदायूं) और मुख्य विकास अधिकारी सहित कई उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
केवल ‘फोटो खिंचवाने’ तक सीमित है इलाज:-महासंघ के अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा ने पशुपालन विभाग के डॉक्टरों और स्थानीय अधिकारियों पर मिलीभगत और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत पत्र के अनुसार, पशु चिकित्सक गौशालाओं का नियमित दौरा नहीं कर रहे हैं। जब भी कोई शिकायत होती है, तो चिकित्सक केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए बीमार गाय को एक इंजेक्शन लगाते हुए फोटो खिंचवा लेते हैं। इसी फोटो को उच्च अधिकारियों को भेजकर यह दावा कर दिया जाता है कि पशु का इलाज चल रहा है, जबकि जमीनी हकीकत में उनका कोई निरंतर उपचार नहीं किया जाता।
चारे की पौष्टिकता पर भी उठे सवाल:-शिकायत में यह भी कहा गया है कि गौशाला में रह रहे गोवंशों के भोजन और चारे की पौष्टिकता की कोई जांच नहीं की जा रही है। कमजोर और बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने या उन्हें उचित स्थान पर रखकर इलाज देने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पहले भी दबाए गए मामले
राष्ट्रीय गौरक्षा महासंघ का आरोप है कि पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों से इस प्रकार की व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गई थीं। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय हर बार मामले को दबा दिया गया।स्थानीय मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व जिलाधिकारी द्वारा समय पर संज्ञान न लिए जाने के कारण ही आज बेजुबान जानवरों को इस नर्क जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
साक्ष्य के तौर पर भेजे गए वीडियो और तस्वीरें:-महासंघ ने इस दर्दनाक घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साक्ष्य के तौर पर ईमेल के माध्यम से संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को सौंपे हैं।संगठन ने मांग की है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार पशु चिकित्सकों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त और न्यायपूर्ण दंडात्मक कार्रवाई की जाए।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

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