समापन की तारीखें तय
चार धाम यात्रा 2026 का समापन नजदीक आ गया है। मंदिर समितियों ने शीतकालीन कपाट बंद होने की तारीखों की घोषणा कर दी है। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को बंद होंगे, जबकि यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर (भाई दूज) को बंद होंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट सबसे आखिर में 16 नवंबर को बंद होंगे। ये तारीखें विजयादशमी के अवसर पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने घोषित की थीं।
केदारनाथ में विशेष पूजा
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर की सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद बंद होंगे। इसके बाद बाबा केदार की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। अगले करीब छह माह तक शीतकालीन पूजा ऊखीमठ में ही होगी और अक्षय तृतीया (अप्रैल-मई) के आसपास विग्रह वापस केदारनाथ लौटेगा। यमुनोत्री धाम के कपाट भी 11 नवंबर को बंद होंगे।
यात्रा का सफर
इस साल चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुले थे। नवंबर से भारी बर्फबारी, कड़ाके की ठंड और भूस्खलन के खतरे के कारण ये ऊंचाई वाले तीर्थस्थल सर्दियों में बंद रहते हैं। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं से अंतिम सप्ताह में यात्रा की योजना बनाने से पहले तारीखों की पुष्टि करने की अपील की है।
शीतकालीन दर्शन
कपाट बंद होने के बाद भी पूजा नहीं रुकती — चारों धामों के शीतकालीन गद्दीस्थलों पर दर्शन जारी रहते हैं। केदारनाथ के लिए ऊखीमठ, बद्रीनाथ के लिए जोशीमठ, गंगोत्री के लिए मुखबा और यमुनोत्री के लिए खरसाली शीतकालीन धाम हैं। शीतकालीन यात्रा में कम भीड़ और शांत वातावरण में दर्शन का अलग अनुभव मिलता है। पर्यटन विभाग के मुताबिक शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आदि कैलाश के कपाट बंद होने की खबर यहां पढ़ें, और चार धाम हेलीकॉप्टर सेवा की ताजा स्थिति यहां देखें।
