अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Budaun News: निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद किया गया सील

On: October 20, 2026 5:33 PM
Follow Us:
---Advertisement---

Budaun News: निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद किया गया सील

बदायूं।शहर के बहेड़ी रोड पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के पास संचालित बदायूं हॉस्पिटल में आज मंगलवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।मौके पर जिला महिला अस्पताल की ओटी में तैनात एक स्टाफ नर्स भी मिली, जिसे पुलिस अपने साथ थाने ले गई।वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का पंजीकरण नहीं होने पर सील कर दिया। परिजनों ने अस्पताल संचालक के विरुद्ध तहरीर दी है।

शहर के संतोख सिंह तिराहे के पास रहने वाले सुधीर कुमार ने बताया कि वह देर रात करीब साढ़े तीन बजे अपनी गर्भवती पत्नी मोनी देवी को जिला महिला अस्पताल की ओटी में तैनात स्टाफ नर्स गुड़िया के पक्का बाग स्थित घर लेकर पहुंचे थे। सुधीर ने बताया कि स्टाफ नर्स ने सामान्य प्रसव कराने की बात कही और इसके लिए 30 हजार रुपये जमा करा लिए। साथ ही कहा कि यदि दिक्कत हुई या अधिक समय लगा तो बदायूं हॉस्पिटल ले जाकर प्रसव करा दिया जाएगा। सुधीर ने बताया कि वह पत्नी और मां को स्टाफ नर्स के घर छोड़कर लौट आए थे।

सुबह करीब आठ बजे उनकी मां का फोन आया कि मोनी को बदायूं हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे।उनके आरोप है कि वहां ऑपरेशन थिएटर में पत्नी के हाथ-पैर कसकर पकड़े गए थे और पैरों पर मारा जा रहा था।उन्होंने स्टाफ नर्स गुड़िया से कहा कि सामान्य प्रसव नहीं हो रहा है तो ऑपरेशन कर दिया जाए,ताकि मां और बच्चे की जान बच सके।सुधीर का आरोप है कि उनकी बात नहीं मानी गई।कुछ समय बाद मोनी की मौत हो गई। नवजात की भी मौत हो गई।सुधीर के मुताबिक वह पहले अपनी पत्नी को दिखाने जिला महिला अस्पताल गए थे। इसी दौरान ओटी में तैनात स्टाफ नर्स गुड़िया से संपर्क हुआ। आरोप है कि स्टाफ नर्स ने घर पर प्रसव कराने और जरूरत पड़ने पर बदायूं हॉस्पिटल में डिलीवरी की सुविधा होने की बात कही थी। उसी पर भरोसा करके वह पत्नी को लेकर उसके बताए स्थान पर पहुंचे थे। परिजनों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पंजीकरण नहीं होने पर अस्पताल सील:-घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मृतका के परिजनों से बात की। वहीं अस्पताल के संबंध में जानकारी की।पता चला कि यह अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहा है।इस पर अस्पताल को सील करा दिया गया है।परिजनों के आरोपों और प्रसव के दौरान हुई दोनों मौतों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है।सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि अस्पताल में मौत की जानकारी मिली।तुंरत टीम को मौके पर भेज दिया।अस्पताल को सील कराया गया है। प्रकरण की जांच कराते हुए आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply