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अग्रवाल सभा एवं अग्रवांशिका जागृति सभा के द्वारा वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी आयोजित
Badaun newsबदायूं। बिसौली नगर की अग्रवाल धर्मशाला में वसंत पंचमी के उपलक्ष में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन अग्रवाल सभा एवं अग्रवांशिका जागृति सभा के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अग्रवाल सभा के अध्यक्ष संजय अग्रवाल व अग्रवांशिका जागृति सभा की अध्यक्षा सीमा अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। जिसमें स्थानीय कवियों और कवित्रियों ने काव्य पाठ किया।आकांक्षा शर्मा ने पढ़ा – जीना दुश्वार हुआ है। कैसा ये संसार हुआ है ?हरगोविंद पाठक दीन ने सुनाया – तुम भगवान से दुःख सुख कहना।रिश्तों के भरोसे मत रहना। प्रवीन अग्रवाल “नादान” ने कुंभ का सजीव वर्णन करते हुए सुनाया – कुंभ है ये कुंभ देखो, भक्तों का है झुंड देखो।संगम में डुबकी तुम लगाय लो। विजय सक्सेना ने माता पिता की महत्ता बताते हुए पढ़ा – मंदिर मस्जिद ढूंढता, क्या नादान इंसान। माता पिता के रूप में घर घर हैं भगवान। अविजित अवि ने आज के हालात पर सुनाया – सब कुछ सम्मुख देखकर, फिर भी बैठे मौन। एक दूजे के दर्द को, समझेगा फिर कौन ? प्रिया वशिष्ठ ने बेटियों की स्थिति के बारे में कहा – पढ़ो बेटी, बढ़ो बेटी, ये दिखावा नेताओं का। रोज मरती बेटियां, सरकार को दिखती नहीं। आकाश पाठक ने कहा – शब्दों को मैं लिखता हूं, ना खंजर, ना असला है। असत्य, सत्य से है परेशान, बस इसी बात का मसला है। इसके साथ साथ सतीश चंद्र शर्मा सुधांशु, मनोज सक्सेना, श्रीपाल शर्मा ने भी काव्य पाठ किया। संजय अग्रवाल ने सभी कवियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुनीत अग्रवाल, सुमित गोयल, पुष्पेंद्रनाथ गर्ग, अमरदीप गर्ग, कृष्णा गुप्ता, गुंजन गोयल आदि प्रमुखता से उपस्थित रहे।