29वें वायुसेना प्रमुख
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख (Chief of the Air Staff) का कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का स्थान लिया, जो 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। कार्यभार संभालने से पहले दीक्षित ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और वायुसेना स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया।
‘वायु’ विजन: चार स्तंभ
अपने पहले संबोधन में नए वायुसेना प्रमुख ने ‘वायु’ (VAYU) नाम से चार स्तंभों वाला विजन प्रस्तुत किया। ‘V’ का अर्थ है सतर्कता, विजय और तत्परता — हर स्क्वाड्रन, रडार और वायु रक्षा इकाई को पल भर में जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा। ‘A’ आत्मनिर्भरता के लिए है — स्वदेशी प्लेटफॉर्म, सेंसर, हथियार और तकनीक पर जोर। ‘Y’ युक्ति यानी नवाचार — AI-आधारित कमांड, ड्रोन-विरोधी क्षमता और अंतरिक्ष-क्षेत्र क्षमताएं। ‘U’ प्रयासों की एकता — थल सेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्तता।
सबसे बड़ी प्राथमिकता
दीक्षित ने कहा कि उनका सबसे अहम काम वायुसेना की लड़ाकू विमान क्षमता को स्वीकृत स्तर तक बहाल करना होगा। इसके लिए स्वदेशी कार्यक्रमों — LCA तेजस Mk1A और Mk2, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) — को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने ‘JAI’ (संयुक्तता, आत्मनिर्भरता, नवाचार) के राष्ट्रीय विजन के साथ कदम मिलाकर चलने की बात कही।
रक्षा मंत्री से मुलाकात
2 नवंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में एयर चीफ मार्शल दीक्षित से मुलाकात की और उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
रक्षा क्षेत्र में ISRO की NVS-03 सफलता भी चर्चा में है, जबकि राष्ट्रीय एकता दिवस पर सशस्त्र बलों की भागीदारी रही।

