जम्मू : जम्मू-कश्मीर के ‘मंदिरों के शहर’ जम्मू से बुधवार को श्री Amarnath Yatra के लिए पहला जत्था भगवती नगर-यात्री निवास आधार शिविर से रवाना होगा। शहर में अब ‘बम बम भोले’ के जयघोष के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा है।
Amarnath Yatra से पहले समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा से पहले समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा
केन्द्र शासित प्रदेश के राज्यपाल मनोज सिन्हा Amarnath Yatra की वार्षिक यात्रा के लिए पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें ‘साधु’ भी शामिल हैं, जो यात्री निवास और अन्य केंद्रों पर पहुंच चुके हैं। ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले जत्थे में शामिल होने के लिए काफी श्रद्वालु यहां पहुंच गये हैं।
दक्षिण कश्मीर हिमालय के अनंतनाग जिले में पवित्र गुफा के लिए रवाना होने के बाद तीर्थयात्री प्राकृतिक रूप स्वनिर्मित बर्फ के शिवलिंग के दर्शन करेंगे। एक तीर्थयात्री ने कहा, “ हम यात्रा शुरू होने से खुश हैं। मैंने अपना पंजीकरण ऑनलाइन करवाया था और कल शाम जम्मू पहुंच गया। ”
उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किये गये पर्याप्त इंतजामों की सराहना करते हुए कहा, “प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किये गये हैं, चाहे वह पंजीकरण काउंटर हो, लंगर (सामुदायिक रसोई), परिवहन या सुरक्षा, सब कुछ सराहनीय है। ”
अधिकारियों ने ऑफलाइन मोड के माध्यम से खुद को पंजीकृत कर Amarnath Yatra करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरस्वती धाम में टोकन वितरण केंद्र भी खोला है। अधिकारियों ने कहा, “ टोकन मिलने के बाद वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन सभा केंद्रों पर पंजीकरण पूरा किया जा सकता है, जो सुबह सात बजे खुलते हैं। ” उन्होंने बताया कि प्रतिदिन केवल 2,000 पंजीकरण किये जाने हैं, उन्होंने कहा, “ कोटा समाप्त होने के बाद काउंटर बंद हो जायेंगे। ”
जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने हाल ही में कहा था कि अमरनाथ यात्रा को रेलवे के माध्यम से अनुमति नहीं दी जायेगी और जम्मू क्षेत्र के पांच प्रमुख जिलों में 60 आरएफआईडी केंद्र भी स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा, “ यात्रा को रेलवे के माध्यम से अनुमति नहीं दी जायेगी। प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा उचित जांच प्रकिया के तहत इसे केवल सड़क मार्ग से ही अनुमति दी जायेगी। ”
उन्होंने कहा कि भगवती नगर यात्रा शिविर में विस्तृत व्यवस्था की गयी है, जहां यात्री परंपरागत बालटाल और पहलगाम यात्रा आधार शिविरों के लिए काफिले में रवाना होने से पहले पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में पर्याप्त नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के साथ कुल 141 ठहरने के केंद्र स्थापित किये गये हैं, जबकि जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रामबन जिलों में 52 लंगर और 60 आरएफआईडी केंद्र काम करेंगे और सरस्वती धाम में टोकन केंद्र के साथ पांच पंजीकरण केंद्र जम्मू में चालू किये जा रहे हैं।
Amarnath Yatra : आम जनता समर्पित नियंत्रण कक्षों से पवित्र यात्रा से संबंधित सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक ने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी किये जा रहे, ‘क्या करें और क्या न करें’ परामर्श और सार्वजनिक सलाह का पालन करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आम जनता समर्पित नियंत्रण कक्षों से पवित्र यात्रा से संबंधित सीधे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं।

