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युवा कभी सीखना बंद ना करें, कभी सपने देखना बंद ना करें : Chief Minister Bhajanlal Sharma

On: June 26, 2025 7:46 PM
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Chief Minister Bhajanlal Sharma
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जोधपुर। Chief Minister Bhajanlal Sharma ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मील का पत्थर है। यहां से निकलने वाले स्नातक वह युवाशक्ति है जो विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं की ऊर्जा और नवाचार की शक्ति को पहचानती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र : Chief Minister Bhajanlal Sharma

हम टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर निवेश कर रहे हैं ताकि युवाओं को प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के भरपूर अवसर मिलें। Chief Minister Bhajanlal Sharma ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कभी सीखना बंद ना करें, कभी सपने देखना बंद ना करें तथा अपने हर निर्णय में ‘भारत प्रथम’ की भावना को अपनाएं।

Chief Minister Bhajanlal Sharma  गुरूवार को जोधपुर में आईआईटी, जोधपुर के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि आपने कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण से शिक्षा पूरी कर माता-पिता के साथ समाज का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि आईआईटी जोधपुर भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है।

कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, एआई, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, बायो इंजीनियरिंग इत्यादि के क्षेत्र में यह संस्थान अपनी शिक्षा और रिसर्च के लिए जाना जाता है। आईआईटी जोधपुर मरुधरा की इस धरती में एक चमकता हुआ मोती है जो पूरे भारतवर्ष में अपनी चमक बिखेर रहा है।

प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का हुआ विकास : Chief Minister Bhajanlal Sharma

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गहराई से जुड़ा हुआ है। प्राचीन भारत में ज्ञान का उद्देश्य दर्शन या आध्यात्म के साथ व्यावहारिक उपयोग और प्राकृतिक सिद्धांतों की खोज भी था। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने शून्य की खोज कर आधुनिक गणित की नींव रखी।

दशमलव प्रणाली की शुरूआत तथा त्रिकोणमितीय फलन का विकास भी भारत में ही हुआ। भास्कराचार्य और वराहमिहिर, आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त जैसे विद्वानों ने देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान दिया।

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