नई दिल्ली। Mohammad Salim : ईरान और इजरायल में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष इंजीनियर Mohammad Salim ने अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत को इस संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मसले पर एक मजबूत और संतुलित भूमिका निभानी चाहिए थी। लेकिन, भारत सरकार ने इस मामले में देरी से प्रतिक्रिया दी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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Mohammad Salim ने कहा कि ईरान और इजरायल के बीच हुए युद्ध में भारत को ईरान का साथ देना चाहिए था, क्योंकि इजरायल की ओर से यह हमला बिना किसी उकसावे के किया गया था, जिससे मासूम लोगों की जानें गईं और दोनों देशों में भारी तबाही हुई।
इजरायल ने इस संघर्ष को एकतरफा रूप से शुरू किया और पूरे पश्चिमी एशिया को खतरे में डाल दिया। इसके बाद अमेरिका का हस्तक्षेप इस संकट को और गहरा बना गया। इस पूरे हालात के लिए हम इजरायल को जिम्मेदार मानते हैं।
इंजीनियर Mohammad Salim ने हाल ही में घोषित सीजफायर पर खुशी जताते हुए कहा कि यह हमारे लिए राहत की बात है कि युद्धविराम की घोषणा हुई है, लेकिन यह सीजफायर वास्तविक और स्थायी होना चाहिए। इसके साथ ही गाजा में जो निर्दोष लोगों की मौत हो रही है, उसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस क्षेत्र में हो रही मानवता की त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
Mohammad Salim : अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस क्षेत्र में हो रही मानवता की त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए
उन्होंने कहा कि “गाजा में हालात बेहद खराब हैं और वहां की जनता पर हो रहे अत्याचारों को रोकना अब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की जिम्मेदारी है।”

