नई दिल्ली । Supreme Court ने कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ की कर्नाटक में रिलीज को लेकर हो रहे विरोध और याचिकाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी भीड़ को यह अधिकार नहीं दिया जा सकता कि वह कानून को अपने हाथ में लेकर फिल्म रिलीजिंग प्रक्रिया को प्रभावित करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून का शासन बनाए रखे।
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Supreme Court ने यह भी कहा कि फिल्म रिलीज होनी ही चाहिए, और थियेटर मालिकों को इस बात का डर नहीं होना चाहिए कि उनके थियेटर में कोई हिंसा या आगजनी की जाएगी। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यह लोगों की इच्छा पर निर्भर करता है कि वे फिल्म देखें या न देखें, लेकिन सेंसर बोर्ड से प्रमाणित फिल्म को रिलीज जरूर किया जाना चाहिए।
Supreme Court ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को भी अपने पास ट्रांसफर कर लिया है और कर्नाटक सरकार को 18 जून तक जवाब देने का निर्देश दिया है। 19 जून को अगली सुनवाई निर्धारित है। वहीं, कोर्ट ने ‘कर्नाटक के लोगों की भावना आहत करने के लिए’ कमल हासन को माफी मांगने का निर्देश देने पर हाईकोर्ट को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “ये हाईकोर्ट का काम नहीं है कि वो किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आदेश दे।”
Supreme Court वह फिल्म चैंबर्स ऑफ एसोसिएशन के साथ मीटिंग कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं
फिल्म निर्माता की ओर से कोर्ट में बताया गया कि वह फिल्म चैंबर्स ऑफ एसोसिएशन के साथ मीटिंग कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे फिल्म को रिलीज किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि फिल्म प्रोड्यूसर पर दबाव डालकर या धमकी देकर समझौते के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर किसी फिल्म को सेंसर बोर्ड से प्रमाणन मिला है, तो वह फिल्म कानूनी रूप से रिलीज की पात्र है।

