नयी दिल्ली, : केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास मंत्री मंत्री Manohar Lal ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाते हुए विकसित भारत विजन में पावर सेक्टर को सबसे अहम बताया।
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नयी दिल्ली में स्थित इंटरनेशनल मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी को हर समय बिजली उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य पूरे देश में शतप्रतिशत घरों में बिजली पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सभी बिजली मांगों को पूरा करने में सक्षम बन गया है और बिजली सरप्लस वाले देश की राह पर आगे बढ़ रहा है।
Manohar Lal ने बताया कि देश में 9 जून को 22.46 बजे 237 गीगावाट की रिकॉर्ड पीक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि देश के मजबूत बिजली बुनियादी ढांचे को रेखांकित करती है, जिसमें शून्य पीक कमी दर्ज की गई है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने घोषणा कि ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय एकीकरण के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास करते हुए, विद्युत मंत्रालय ने पहले से चल रही 13.2 गीगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के अतिरिक्त 30 गीगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) योजना को मंजूरी दी है। 5,400 करोड़ रुपये की इस योजना का लक्ष्य 2028 तक देश की बीईएसएस आवश्यकता को पूरा करते हुए 33,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है।
आईएसटीएस शुल्क छूट अब 30 जून तक : Manohar Lal
मनोहर लाल ने कहा कि भंडारण परियोजनाओं के लिए अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) शुल्क की छूट 30 जून, 2028 तक बढ़ा दी गई है, जिससे इस तिथि से पहले आवंटित पंप स्टोरेज परियोजनाओं और चालू की गई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को लाभ मिलेगा।
यह विस्तार भारत की बढ़ती भंडारण आवश्यकताओं को पूरा करने और ट्रांसमिशन लाइनों के उपयोग को अनुकूलित करने के लिए महत्वपूर्ण है। Manohar Lal ने कहा कि भारत अल्ट्रा हाई वोल्टेज अल्टरनेटिंग करंट (यूएचवी एसी) ट्रांसमिशन सिस्टम की शुरुआत के साथ अपने बिजली ट्रांसमिशन में क्रांति लाने के लिए तैयार है।
2034 तक विकास के लिए नौ 1100 केवी लाइनें और दस सबस्टेशन चिन्हित किए गए हैं, साथ ही केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान द्वारा परीक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे निवेश 53,000 करोड़

