अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Supreme Court ने पूर्व आईएएस टुटेजा को दी जमानत

On: April 15, 2025 7:59 PM
Follow Us:
Supreme Court
---Advertisement---

रायपुर/नई दिल्ली। Supreme Court ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)) के पूर्व अधिकारी अनिल टुटेजा को मंगलवार को सशर्त जमानत दे दी।

Supreme Court से ममता सरकार को बड़ा झटका, 25,000 नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

इसके लिए न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने सख्त नियम और शर्तें रखी हैं।
पर टुटेजा का फिलहाल जेल से बाहर निकलना मुश्किल है, क्योंकि उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी द्वारा दर्ज केस में हाई कोर्ट जमानत याचिका खारिज कर चुका है।

Supreme Court ईडी की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एसवी राजू ने विरोध किया

अनिल टुटेजा को 21 अप्रैल, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। लंबे वक्त से जेल में रहने के आधार पर शीर्ष न्यायालय ने जमानत दी है। इसके साथ ही उन्हें पासपोर्ट जमा करने और सुनवाई के दौरान न्यायालय के साथ सहयोग करते हुए सख्त नियमों और शर्तों पर यह राहत मिली है।

टुटेजा की जमानत याचिका का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एसवी राजू ने विरोध किया। उन्होंने टुटेजा को वरिष्ठ नौकरशाह बताते हुए नागरिक पूर्ति निगम घोटाले में भी शामिल होने के साथ गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए जमानत मंजूर कर ली।

यह पूरा मामला तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है।

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ईडी ने 18 नवंबर, 2022 को पीएमएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेज के आधार पर ईडी ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था।

ईडी ने चार्जशीट में कहा था कि साल 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर सीएसएमसीएल के ज़रिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को सीएसएमसीएल का एमडी नियुक्त कराया, उसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिये भ्रष्टाचार किया गया।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!