कानपुर में दीपावली की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पनकी थाना क्षेत्र के पनकी पड़ाव इलाके में रविवार सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच एक 35 साल पुराने मकान की कच्ची छत अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर सास, बहू और महज 20 दिन के मासूम की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य घायल हो गया। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
दूध पिला रही थी मां, मलबे में दबा परिवार
हादसे के समय कमरे में परिवार के चार लोग मौजूद थे। 60 वर्षीय विनोदनी शुक्ला अपने बेटे हर्ष शुक्ला (32) के साथ बैठी थीं, जबकि 28 वर्षीय अंशिका शुक्ला अपने 20 दिन के बेटे आरव को गोद में लेकर दूध पिला रही थीं। तभी बांस-बल्ली और मिट्टी से बनी छत अचानक नीचे आ गिरी। विनोदनी के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि अंशिका अपने मासूम के साथ मलबे में दब गईं। सभी को कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनोदनी, अंशिका और आरव को मृत घोषित कर दिया।
सीपेज से कमजोर हुई थी छत
यह हादसा 65 वर्षीय अवधेश शुक्ला के पुश्तैनी मकान में हुआ। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार मकान की छत मिट्टी की और काफी पुरानी थी। लगातार पानी के रिसाव (सीपेज) के कारण छत का वजन बढ़ गया था और वह कमजोर होकर अचानक ढह गई। पड़ोसी द्वारा छत पर पानी भरे जाने के आरोपों पर डीसीपी ने स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर हादसे का संज्ञान लिया है और शोक जताते हुए राहत कार्य के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है, दीपावली की खुशियों के बीच एक ही परिवार में तीन मौतों से पूरे मोहल्ले में शोक छा गया है। दिवाली पर सुरक्षा व्यवस्था की खबर यहां पढ़ें
जर्जर मकानों पर सवाल
यह हादसा शहर में जर्जर और कच्चे मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। बारिश और सीपेज से कमजोर हुई छतें त्योहारी सीजन में बड़ा खतरा बन सकती हैं। प्रशासन का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्रावस्ती में एसटीएफ की कार्रवाई की खबर भी पढ़ें

