लाइव में दो बड़े लॉन्च
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार 2 नवंबर को लाइव कार्यक्रम में राज्य की दो बड़ी पहलों की शुरुआत की — ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ और ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’। पोर्टल लॉन्च के साथ धामी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक सेवाओं को हर परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्या है देवभूमि परिवार पोर्टल
देवभूमि परिवार पोर्टल राज्य सरकार का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका मकसद नागरिक और परिवार-केंद्रित सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराना है। पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को अब सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पोर्टल के जरिए आवेदन, प्रमाणपत्र और लाभार्थी योजनाओं की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
विजन-2047: 2047 तक का रोडमैप
साथ ही जारी ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ राज्य का दीर्घकालिक विकास रोडमैप है। यह दस्तावेज केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में प्रस्तुत किया था — भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य। रोडमैप में पर्यटन, उद्योग, कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए चरणबद्ध लक्ष्य तय किए गए हैं।
आगे क्या
पोर्टल की असली सफलता इसके उपयोग से तय होगी — कितने परिवार रजिस्टर होते हैं और सेवाओं की डिलीवरी कितनी तेज होती है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा। विजन-2047 के चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
उत्तराखंड में प्रशासनिक सुधारों के साथ स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय अधिकार देने का भी काम चल रहा है, जबकि अरोमा वैली जैसी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

