राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ (Save Democracy, Remove Anarchy) मार्च निकाला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद कार्यकर्ताओं के साथ इस मार्च में शामिल हुए और इसका नेतृत्व किया।
क्या है मार्च का मकसद
BJP के अनुसार यह मार्च लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और अराजकता फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ जनजागरण का अभियान है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दल लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं, और इस मार्च के जरिए जनता को सचेत किया जा रहा है। श्रीनगर की सड़कों पर सैकड़ों कार्यकर्ता नारों और बैनरों के साथ उतरे।
सियासी मायने
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर हमले बोल रहा है, ऐसे में BJP का यह मार्च कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनता के बीच पार्टी का नैरेटिव मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। धामी की मौजूदगी ने इस आयोजन को प्रदेश स्तर का महत्व दिया।
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देहरादून से श्रीनगर तक सक्रियता
इसी दिन सुबह धामी ने देहरादून में रन फॉर यूनिटी का नेतृत्व किया था और दोपहर में श्रीनगर पहुंचकर मार्च में शामिल हुए। एक ही दिन दो बड़े कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को BJP की चुनावी तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
विपक्ष पर निशाना
मार्च में वक्ताओं ने विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। BJP नेताओं का कहना है कि कुछ दल सत्ता के लिए अराजकता फैलाने की राजनीति करते हैं, जबकि BJP विकास और राष्ट्रहित की राजनीति करती है।
रिपोर्टों के अनुसार पार्टी आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के मार्च आयोजित करेगी। कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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