गोवंशों की मौत के बाद भी नहीं हुई पशु चिकित्सा अधिकारियों पर कोई कार्रवाई
बदायूं।जिले की अभिगांव व ब्यौर गोशालाओं में गोवंशों की मौत के आठ दिन बाद भी जिम्मेदार पशु चिकित्साधिकारियों का निलंबन अब तक नहीं हो सका है।न हीं उनके कार्यक्षेत्र ही बदले गए हैं।बता दें कि दोनों पशु चिकित्साधिकारियों के तत्काल निलंबन की संस्तुति डीएम ने शासन को भेज दी थी।
अभिगांव और ब्यौर गोशालाआ में गोवंशो के मरने के बाद डीएम ने सीडीओ गामिनी सिंगला और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट साईं आश्रित शाखमुरी से जांच कराई गई थी।जांच आख्या मिलने के बाद 28 सितंबर की रात डीएम ने छह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी थी।डीएम ने अभिगांव की ग्राम पंचायत सचिव नौसी परवीन और ब्यौर सचिव पवन सक्सेना को निलंबित कर दिया था।वहीं विकास खंड म्याऊं के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर और सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सुमित को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति की थी।डीएम ने दोनों पशु चिकित्साधिकारियों को निलंबित करने सहित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. प्रेम सिंह कोली के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव पशुपालन को पत्र लिखा था।बता दें कि पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और निदेशक पशुपालन विभाग डॉ.राजेन्द्र प्रसाद माहौर के आने के बाद भी इन पशु चिकित्साधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदलना भी जरूरी नहीं समझा गया है।
दोनों पशु चिकित्साधिकारियों को निलंबित करने सहित मुख्य सीवीओ डॉ.प्रेम सिंह कोली के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव पशुपालन को पत्र भेज दिया गया है,उनके स्तर से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अवनीश राय, डीएम रिपोर्ट-जयकिशन सैनी