अमरोहा, वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले राजकीय गंगा तिगरी मेला की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला को भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा तिगरी मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का वृहद मेला है। विगत वर्ष लगभग 30 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस वर्ष नवंबर में 35 से 40 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेला क्षेत्र को भव्य बनाने के लिए गजरौला से तिगरी तक तथा घाटों पर पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी, ताकि रात्रि में आवागमन में कोई परेशानी न हो।
मेला की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए वर्ष 2017 में इसे राजकीय मेला घोषित किया गया था। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के उपरांत पांडवों ने तथा श्रवण कुमार ने यहां दीपदान किया था। कार्तिक पूर्णिमा पर यह मेला आयोजित होता है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। विगत वर्ष अस्थाई पुलिस लाइन में लगभग 1100 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस वर्ष भी निकटवर्ती जनपदों से अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों को बुलाया जाएगा। मेला क्षेत्र को लगभग 22 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में चौकी व टावर बनाए जाएंगे। लगभग 25 अस्थाई घाटों का निर्माण जिला पंचायत द्वारा कराया जाएगा। महिलाओं के लिए अस्थाई चेंजिंग रूम, शौचालय, पेयजल व हैंडपंप की व्यवस्था की जाएगी।
सड़क निर्माण, समतलीकरण, बैरिकेडिंग, लाइटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, ग्रीनफील्ड मेला बनाने हेतु 6000 नर्सरी पौधे लगाने तथा लगभग 1500 सफाई कर्मियों की तैनाती जैसे कार्यों पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने आगामी तिगरी गंगा मेला के आयोजन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा तैयारियों को समयबद्ध ढंग से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, शौचालय, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, यातायात एवं पार्किंग सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत घाटों पर आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा मेला क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेले की तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं व पूर्ण सुरक्षा मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती गरिमा सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, उपजिलाधिकारी धनौरा श्री शैलेश कुमार दुबे सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

