(सहसवान पुलिस का नया कारनामा)
घेराबंदी करके आत्महत्या के लिए विवश करने वाले एक अभियुक्त को पुलिस ने शांति भंग करने के जुर्म में भेजा एसडीएम न्यायालय,
मुचलके भरवाने के बाद न्यायालय ने किया उसे रिहा
सहसवान (बदायूं) थाना कोतवाली सहसवान क्षेत्र के ग्राम अल्हदादपुर धोबई में 21अगस्त को महिला भगाने का आरोप लगाते हुए आरोपी ज्ञानचंद को घेराबंदी करके आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने आत्महत्या करने के लिए विवश कर दिया अपना काम को अंजाम देने के बाद हमलावर जश्न मनाते हुए हत्या स्थल से बाहर निकले।मृतक के भाई ओमेंद्र यादव ने सात लोगों के विरुद्ध मामले की कराई रिपोर्ट दर्ज।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप है किसी भीआरोपी को गिरफ्तार करना तो दूर दबिश तक देना उचित नहीं समझा।मृतक पक्ष के परिजनों ने घेराबंदी करके स्वयं घटना के दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करके थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त नरेश पुत्र प्रेम सिंह, तालेवार पुत्र ओमप्रकाश निवासी ग्राम अल्हदादपुर धोबई में अभियुक्त नरेश पुत्र प्रेम सिंह को जिला जेल भेज दिया जबकि तालेवर पुत्र ओम प्रकाश को शांति भंग करने के जुर्म में अपराध पंजीकृत करते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय भेज दिया जहां मजिस्ट्रेट ने तालेवार पुत्रों ओम प्रकाश को ₹200000 की निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया।
जबकि मृतक पक्ष का आरोप है पुलिस ने अभियुक्त तालेबर के परिजनों से आर्थिक समझौता करके बीएनएस की धारा 108 के अंतर्गत नामजद अभियुक्त होने के बावजूद धारा 108 का अभियुक्त न बनाकर शांति भंग करने के जुर्म में न्यायालय भेज दिया।
पुलिस द्वारा धारा 108 के अभियुक्त को शांति भंग करने के जुर्म में न्यायालय भेजने की क्षेत्र में चर्चा हो रही है तथा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।प्रभारी निरीक्षक से इस बाबत पक्ष लेने का प्रयास किया गया संपर्क नहीं हो सका।रिपोर्ट-एस.पी सैनी

