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Sahaswan News: फर्जी आधार कार्ड से जमीनों के बैनामे का आरोप, तहसीलदार समेत आठ पर मुकदमा

On: September 23, 2026 7:18 PM
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Sahaswan News: फर्जी आधार कार्ड से जमीनों के बैनामे का आरोप, तहसीलदार समेत आठ पर मुकदमा

कोर्ट के आदेश पर सहसवान थाने में एफआईआर, मृतक व लावारिस खातेदारों की जमीनों में धोखाधड़ी का आरोप

सहसवान(बदायूं) सहसवान तहसील क्षेत्र में अलग-अलग जमीनों के कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बैनामे कराने का मामला सामने आया है।न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,बदायूं के आदेश के बाद थाना सहसवान पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल भी शामिल हैं।पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बदायूं द्वारा BNSS की धारा 173(4) के तहत वादी ब्रह्मचारी पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी ग्राम सुजावली के प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था।इसके अनुपालन में थाना सहसवान में 22 सितंबर 2026 मुकदमा संख्या 492/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक मुकदमे में कुंवरपाल पुत्र रूपराम, लालाराम पुत्र रूपराम, नेत्रपाल पुत्र गुलफान निवासीगण ग्राम पावड़ पुख्ता, थाना सहसवान, लालाराम उर्फ लालू पुत्र खुशीराम निवासी ग्राम सुजावली, राजपाल पुत्र रामधुन निवासी ग्राम कुमरौआ, जनपद कासगंज, क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल, नायब तहसीलदार अनंगराज तथा तत्कालीन तहसीलदार हरीश चंद्र को नामजद किया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों द्वारा कथित रूप से धोखाधड़ी कर फर्जी आधार कार्ड तैयार कराए गए और उनका इस्तेमाल अलग-अलग जमीनों के बैनामे कराने में किया गया।राजस्व अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और सभी नामजद लोगों की भूमिका पुलिस जांच का विषय है। मामले के वादी ग्राम प्रधान ब्रह्मचारी पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी ग्राम सुजावली ने आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों के साथ पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूं के समक्ष शिकायत की थी।अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद थाना सहसवान पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दस्तावेजों और संबंधित जमीनों के अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत में मौजा पावड़ पुख्ता स्थित गाटा संख्या 966, रकबा 0.020 हेक्टेयर, 967,रकबा 0.537 हेक्टेयर तथा 975, रकबा 0.080 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख किया गया है।वादी के अनुसार इन जमीनों के खातेदार राजपाल पुत्र हरनाम गांव छोड़ चुके थे और जमीन लावारिस स्थिति में थी। आरोप है कि कुंवरपाल ने राजपाल के नाम पर कथित फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और स्वयं को राजपाल के रूप में प्रस्तुत करते हुए 28 जुलाई 2022 को अपनी पत्नी रामसनेही के नाम बैनामा करा दिया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त बैनामा मूलवाद संख्या 219/2022 में सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहसवान द्वारा 25 फरवरी 2025 को निरस्त किया जा चुका है। शिकायतकर्ता ने इसी जमीन से संबंधित अन्य कथित अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है। दूसरे मामले में गाटा संख्या 1070,रकबा 0.417 हेक्टेयर तथा 1067, रकबा 0.066 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख है। शिकायत में इन जमीनों के खातेदार भूपाल पुत्र डल्ली बताए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी होने का दावा किया गया है। वादी का आरोप है कि लालाराम उर्फ लालू ने भूपाल के नाम पर कथित फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और किसी अन्य व्यक्ति को भूपाल के रूप में प्रस्तुत कर जमीन का बैनामा करा दिया।शिकायत के मुताबिक इस मामले में बैनामा निरस्त कराने के लिए मूलवाद संख्या 250/2025 न्यायालय में दायर किया गया।पुलिस अब संबंधित बैनामा, पहचान पत्र, खातेदार की मृत्यु से जुड़े अभिलेख और न्यायालयीन दस्तावेजों की जांच करेगी।

शिकायत में ग्राम हरदत्तपुर स्थित गाटा संख्या 11 की जमीन का भी उल्लेख किया गया है। यह भूमि मोहल्ला अकबराबाद मेन रोड पर स्थित बताई गई है और राधेश्याम पुत्र दुर्गाप्रसाद की बताई गई है। आरोप है कि लालाराम उर्फ लालू ने कथित फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उक्त जमीन का बैनामा अपनी पुत्रवधू रामा देवी पत्नी धर्मेंद्र यादव के नाम करा दिया।
पुलिस विवेचना के दौरान रजिस्ट्री में प्रयुक्त पहचान पत्र,बैनामा, भूमि स्वामित्व संबंधी अभिलेख और नामांतरण प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी बैनामों के आधार पर जमीनों का दाखिल-खारिज कराने में संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका रही। शिकायत में राजस्व अभिलेखों में अनियमितता और कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला सहसवान तहसील क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।पुलिस द्वारा संबंधित जमीनों के दस्तावेज,बैनामों की प्रक्रिया,राजस्व अभिलेखों में हुए नामांतरण और नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है और कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीनों के बैनामे कराने के मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी 

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