देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश अब तबाही का रूप लेने लगी है। प्रदेश के सभी जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां और गाड़-गदेरे उफान पर आ गए हैं। पहाड़ों पर हो रही बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। अलकनंदा और गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए श्रीनगर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
हरिद्वार के 12 गांवों पर बाढ़ का अलर्ट
श्रीनगर डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जलभराव और तबाही की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गंगा किनारे बसे हरिद्वार के 12 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों और कांवड़ियों से नदी के घाटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त अपील की गई है।
उत्तरकाशी: होटलों में घुसा यमुना का पानी
उधर, उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में यमुना नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि इसके किनारे बने 4-5 होटलों की पहली मंजिल तक पानी भर गया है। अचानक पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों में भारी दहशत का माहौल है।
रुद्रप्रयाग: मंदाकिनी नदी में समाई पहाड़ी
रुद्रप्रयाग जिले में भी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार मचा हुआ है। अगस्त्यमुनि-विजयनगर-तैला मोटर मार्ग पर एक भयानक लैंडस्लाइड की घटना सामने आई है। यहां एक पहाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा दरक कर सीधे मंदाकिनी नदी में जा गिरा। इस खौफनाक मंजर ने आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी है।
प्रशासन ने लैंडस्लाइड के कारण सभी संवेदनशील मार्गों पर आवाजाही रोक दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

