अमरोहा (गजरौला)। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सपाई दिग्गज नेता आजम खान की रिहाई और जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला गरमा गया और जमकर हंगामा हुआ। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरोगा और सपा नेता में हुई तीखी बहस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गजरौला शहर स्थित इंद्रा चौक पर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रैली और प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई और कार्यक्रम में हस्तक्षेप किया। पुलिस की इस कार्रवाई पर सपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया।
देखते ही देखते सपा नेता मुकेश चौधरी और वहां मौजूद एक दरोगा के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी नोकझोंक के बीच गुस्से में आकर दरोगा ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तिरपाल को उठाकर फेंक दिया, जिससे सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई।
सपाइयों का आरोप- ‘पुलिस दबा रही लोकतांत्रिक आवाज’
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच साफ तौर पर बहस और हंगामा देखा जा सकता है, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने सत्ताधारी दल और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस ने उनके कार्यक्रम में जानबूझकर व्यवधान डाला और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया।
वहीं, दूसरी तरफ इस पूरे मामले और वायरल वीडियो को लेकर अमरोहा पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

